फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Convict sentenced to 15 years of rigorous imprisonment for raping his elder sister and pushing his younger sister in front of a goods train.

Azamgarh News: बड़ी बहन से दुष्कर्म और छोटी बहन को मालगाड़ी के सामने धक्का देने के दोषी को 15 वर्ष की कठोर कैद

Sat, 25 Jul 2026 01:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 01:30 AM IST
विज्ञापन
Convict sentenced to 15 years of rigorous imprisonment for raping his elder sister and pushing his younger sister in front of a goods train.
हाथीनाला थाना क्षेत्र में नाबालिग बहनों के साथ दुष्कर्म और जानलेवा हमले के मामले में एडीजे/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ओमकार शुक्ल की अदालत ने दोषी को 15 वर्ष के कठोर कारावास और 47 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने महज 15 माह में सुनवाई पूरी करते हुए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। अर्थदंड जमा न करने पर उसे 16 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जुर्माने की राशि जमा होने पर नियमानुसार दोनों पीड़िताओं को आधी-आधी धनराशि दी जाएगी।
विज्ञापन

अभियोजन के अनुसार, पीड़िता के पिता ने 22 फरवरी 2025 को हाथीनाला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना में पुलिस ने पाया कि बेलहत्थी, टोला पिरहवा निवासी रमाशंकर (36) ने पूर्व परिचय का लाभ उठाकर 17 वर्षीय किशोरी को बहाने से जंगल ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी होने पर जब उसकी 14 वर्षीय छोटी बहन ने विरोध किया तो आरोपी ने रेलवे लाइन के किनारे बकरी चराने के दौरान उसे मालगाड़ी के सामने धक्का दे दिया। हादसे में किशोरी का दाहिना पैर पंजे के ऊपर से कट गया, जबकि बाएं हाथ की कोहनी में गंभीर चोट आई। पुलिस ने नौ अप्रैल को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। 24 अप्रैल को आरोप तय होने के बाद सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान दोनों बहनों के शैक्षणिक अभिलेखों से उनके नाबालिग होने की पुष्टि हुई। चिकित्सकीय परीक्षण करने वाले डॉक्टर, रेडियोलॉजिस्ट समेत कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर न्यायालय ने 23 जुलाई 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया।
विज्ञापन

इनसेट
गंभीर अपराधों में कठोर सजा आवश्यक : न्यायालय
दोषसिद्धि के बाद शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने आरोपी का पहला अपराध होने का हवाला देते हुए दंड में नरमी की मांग की, जबकि विशेष लोक अभियोजक ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर सजा की पैरवी की। न्यायालय ने कहा कि अपराध की प्रकृति और उसे अंजाम देने के तरीके को देखते हुए कठोर दंड दिया जाना आवश्यक है। अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड, गंभीर चोट पहुंचाने के अपराध में 15 वर्ष का कठोर कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड, आपराधिक बल प्रयोग के लिए दो वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा जान से मारने की धमकी देने के अपराध में एक वर्ष का कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। विशेष लोक अभियोजक के अनुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा विचारण के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed