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कांग्रेसजनों ने नागरिकता संशोधन बिल का किया विरोध

Wed, 11 Dec 2019 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 11 Dec 2019 11:06 PM IST
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congress protest against citizenship amendment bill
कलेक्ट्रेट चौराहे पर नागरिकता संशोधन बिल की प्रतिया फूंकते कांग्रेस के नेतागण। - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह के नेतृत्व कांग्रेसजनों ने नागरिकता संशोधन बिल का विरोध कार्यालय से जुलूस निकालकर किया और विधेयक की प्रतियां जलाईं।
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जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि भारत में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान को हटाकर संघ अपना संविधान लाने की तैयारी कर रहा है। जो देश के लिए चिंता का विषय है। भाजपा संघ के इशारे पर कार्य कर रही है। नागरिकता संशोधन बिल भारत के संविधान की मूल आत्मा के खिलाफ है। यह बिल बराबरी का नहीं बंटवारे की बात करता है। हमारे देश का नियम और संधि यह कहती है कि शरणार्थी किसी भी धर्म से हो उसे मदद देने से इंकार नहीं कर सकते है। हम यह संकल्प लेते है कि भारत में आरएसएस का संविधान नहीं बनने देंगे। इस मौके पर राम अवध यादव, मुन्नू यादव, पूर्णमासी प्रजापति, देवमुनि राजभर, ओंकार पांडेय, सविता राय, नरेंद्र सिंह, प्रेमा चौहान, तेज बहादुर यादव, मुन्नू मौर्या, फैजी नसीम, अब्दुल रहमान, शीला भारती, प्रदीप यादव,नजम शमीम सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
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आजमगढ़। रिहाई मंच, भीम आर्मी, जीवन ज्योति शिक्षण प्रशिक्षण सेवा संस्थान सहित अन्य संगठनों ने नागरिकता संशोधन विधेयक बिल के खिलाफ बुधवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा और विवादास्पद बिल को वापस लिए जाने की मांग किया। वक्ताओं ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक देश के खिलाफ मनुवादी साजिश है। सरकार ने अगर अपनी हठ को नहीं त्यागा और बिल वापस नहीं लिया तो असहयोग आंदोलन किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि देश की बहुसंख्यक जनता इस बिल के खिलाफ है। गृह मंत्री ने बिल पेश करते समय गलत तथ्य पेश कर सदन की गरीमा को ठेस पहुंचाने का काम किया है। गृह मंत्री को महिला सुरक्षा को लेकर बहस करना या उनके लिए विधेयक पारित कराना तथ्यहीन लग रहा है। जब कि महिलाए अपने आप को देश में असुरक्षित महसूस कर रही है। अमेरिका ने तो महिला सैलानियों को भारत में न आने की एडवाइजरी तक जारी कर दिया है। गृह मंत्री और प्रधानमंत्री जनता को उनके मुख्य मुद्दों से भटकाने का काम कर रहे है। यह सत्ता हर मोर्चे पर असफल चल रही है। अगर संविधान की मूल आत्मा से छेड़छाड किया गया तो सभी संगठन असहयोग आंदोलन छेडने के लिए बाध्य होगा। इस मौके पर रिहाई मंच के कार्यकारी संयोजक सालिम दाउदी, भीम आर्मी के धर्मवीर भारती, जीवन ज्योति के प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद यादव, गुलाम अंबिया, उमेश कुमार, रवि कुमार, शाह आलम शेरवानी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी कार्यलय के बाहर पर नागरिकता संशोधन बिल को विराध करते रिहाई मंच के कार्यकर्ता।

जिलाधिकारी कार्यलय के बाहर पर नागरिकता संशोधन बिल को विराध करते रिहाई मंच के कार्यकर्ता।- फोटो : AZAMGARH

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