फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Congress is far from the joint conference

संयुक्त सम्मेलन से दूर रहे कांग्रेसी

Mon, 06 Feb 2017 12:50 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Mon, 06 Feb 2017 12:50 AM IST
विज्ञापन
Congress is far from the joint conference
सपा और कांग्रेस के संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन में मंच पर मौजूद नेतागण। - फोटो : azamgarh
बूढ़नपुर के रानीपुर में आयोजित सपा-कांग्रेस के संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन से कांग्रेसियों ने दूरी बरती। सम्मेलन में अपवाद स्वरूप कुछ एक को छोड़कर कांग्रेसी नजर नहीं आए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय रही। सम्मेलन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा ने कहा कि विधानसभा का चुनाव जातिवाद का चुनाव नहीं बल्कि उत्तम प्रदेश और विकास के मुद्दे का चुनाव है। दावा किया कि कांग्रेस से गठबंधन के बाद प्रदेश में सपा की बहुमत की सरकार बनेगी।
विज्ञापन


सपा-कांग्रेस के संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन में मंच पर सपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच एकमात्र कांग्रेस के पूर्व जिला प्रवक्ता चंद्रपाल सिंह यादव मौजूद रहे। 27 साल यूपी बेहाल का नारा देने वाली कांग्रेस का सपा से गठबंधन होने के बाद पिछले दिनों दोनों पार्टियों की बैठक हुई थी जिसमें मिलजुलकर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया था।
विज्ञापन


कार्यकर्ताओं से पूरे समर्पण के साथ चुनाव प्रचार में लगने की अपील की गई थी। ऐसे में सपा-कांग्रेस सम्मेलन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष की गैरमौजूदगी को लेकर चर्चा रही। इस संबंध में कांग्रेस जिलाध्यक्ष हवलदार सिंह ने बताया कि वाराणसी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का कार्यक्रम तय है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस कार्यक्रम के मद्देनजर आज वाराणसी में हुई बैठक में हिस्सा लेने के कारण वह सपा-कांग्रेस के संयुक्त सम्मेलन में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया था। अगर बैठक में वाराणसी नहीं आना होता तो वह सम्मेलन में जरूर रहते।

इससे पहले सम्मेलन में सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा ने कहा कि बीते लोकसभा चुनाव में यहां के लोगों ने नरेंद्र मोदी के झूठे वादों पर यकीन नहीं किया। प्रधानमंत्री के नोटबंदी के फैसले से किसान, मजदूर, मध्य वर्ग परेशान हुआ। इस चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।

आजमगढ़ ने मुलायम सिंह यादव को सांसद बनाया था। यह जिला सपा का गढ़ है। 2012 के विधानसभा चुनाव में यहां के लोगों ने दस में से नौ सीटों पर सपा प्रत्याशी को जिताया था। प्रदेश की सपा सरकार ने पिछले चुनाव में किए गए सभी वादों को पूरा किया। साढ़े चार वर्षों में एक्सप्रेस वे का निर्माण कराया। मेट्रो ट्रेन चलाई।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा इस विधानसभा चुनाव में सांप्रदायिक शक्तियां अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएंगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कम समय में तमाम विकास कर दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।


इस बार दिल्ली, बंगाल की तरह उत्तर प्रदेश में भी भाजपा का सफाया हो जाएगा। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम यादव, अतरौलिया विधायक डा.संग्राम सिंह यादव, रामआसरे विश्वकर्मा, रामदुलार, सयुस के प्रदेश अध्यक्ष विकास यादव, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, दलश्रृंगार यादव, चंद्रशेखर यादव, राजाराम सिंह, कांग्रेस के पूर्व जिला प्रवक्ता चंद्रपाल सिंह यादव आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed