फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Claim: Water reaches 2.93 lakh taps, reality: taps in many villages are thirsty

दावा : 2.93 लाख नलों में पानी पहुंचा, हकीकत : कई गांवों में टोंटियां प्यासी

Thu, 09 Oct 2025 11:46 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Oct 2025 11:46 PM IST
विज्ञापन
Claim: Water reaches 2.93 lakh taps, reality: taps in many villages are thirsty
21 ठेकमा ब्लॉक के बरदह गांव में नल में नहीं आ रहा पानी। संवाद
आजमगढ़। जिले मेें जल जीवन मिशन योजना का लगभग 94 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। 6.24 के सापेक्ष दिए जा चुके हैं 5.88 लाख हाउस कनेक्शन भी दिए जा चुके है। विभाग की माने तो इसमें से 2.93 लाख नलों में नियमित जलापूर्ति की जा रही है लेकिन जमीन पर कई गांवों में टोंटियां प्यासी हैं। हर घर को नल से जल पहुंचाने के लिए जिले में जल जीवन मिशन योजना चल रही है। इसके तहत 4292 करोड़ से 1461 पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कराकर चिह्नित 3818 राजस्व गांवों में नल से जल पहुंचाना है। योजना के शुरू हुए करीब छह साल में 94 प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है।
विज्ञापन

इसमें 19353 किमी पाइप लाइन के सापेक्ष 18158 किमी पाइप लाइन बिछाकर 624623 हाउस कनेक्शन के सापेक्ष 588991 घरों में कनेक्शन दिए गए हैं। विभाग के अधिकारियों की माने तो 588991 हाउस कनेक्शन में से 2.93 लाख से अधिक नलों में नियमित जलापूर्ति की जा रही है। बृहस्पतिवार को पड़ताल में कहीं पानी की आपूर्ति बंद मिली तो कहीं पर सब कुछ तैयार होने के बाद जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इसके कारण इन क्षेत्रों की ग्रामीण आबादी अभी भी योजना से वंचित है।
विज्ञापन

कुछ माह बाद ही बंद हो गई जलापूर्ति
बरदह। विकास खंड ठेकमा के बरदह गांव में पानी की टंकी बनने के बाद आधे गांव के लोगों को ही पानी की आपूर्ति हो पाई। तीन चार माह के बाद वह भी बंद हो गई। इधर लगभग एक साल से गांव में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। यहां की टंकी लिकेज भी हो गई थी। गांव के अनिल यादव, आदित्य तिवारी, विवेक आदि ने बताया कि इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी किया गया लेकिन कुछ नहीं हुआ। बरदह बाजार में तो अभी तक टोंटी नहीं लगाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक साल बाद भी नहीं आया पानी
महाराजगंज। विकास खंड महाराजगंज के मुडीलपुर मे जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी बनी है। पाइप लाइन बिछाकर लोगों को हाउस कनेक्शन भी दे दिया गया है लेकिन एक साल बाद नल में जल नहीं पहुंचा। गांव के संतोष यादव, युवराज सिंह, रामदरश आदि ने बताया कि शुरूआत में एक, दो बार पानी आया इसके बाद एक साल से पानी नहीं आ रहा है।
टोंटी न लगने से बर्बाद होता है पानी
पवई। विकास खंड पवई के भीमलपुर गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाई गई, लोगों को हाउस कनेक्शन दिया गया। कार्यदायी संस्था ने टोंटी नहीं लगाई और पानी की टंकी का निर्माण कराए बिना ही सीधे पंप से आपूर्ति शुरू कर दिया। इससे प्रतिदिन लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। रास्तों में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यही हाल क्षेत्र के प्रतापपुर गांव का भी है। रामकेवल, सोनू पांडेय, प्रमोद, वकील ने बताया कि प्रतापपुर में कई जगह पाइप लीकेज है। डायरेक्ट पंप से पानी की सप्लाई की जाती है।
डेढ़ साल से नहीं आ रहा पानी
चक्रपानपुर। विकास खंड पल्हनी के चौखड़ गांव में लगभग दो साल पहले पानी की आपूर्ति शुरू की गई थी। इधर लगभग डेढ़ साल से पानी नहीं आ रहा है। गांव में लगीं टोंटियां प्यासी हैं। गांव के राजकुमार यादव, धीरज आदि ने बताया कि सप्लाई वाली पाइप कई जगहों पर फट चुकी हैं। शिकायत के बाद भी अभी तक मरम्मत नहीं हुई है।

पेयजल परियोजनाओं का लगभग 94 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। 1500 से अधिक गांवों में जलापूर्ति हो रही है। जिन गांवों में किसी कारणवश जलापूर्ति बंद हो गई है या लिकेज है तो शिकायत मिलने के बाद तुरंत जलापूर्ति शुरू कराई जाती है। पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने का दिसंबर 2026 तक का लक्ष्य है। - राजेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed