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फर्जी आदेश का हवाला दे भूमि कराई अपने नाम, एफआईआर के निर्देश, लाभान्वित पक्ष के साथ तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो दोषी

Tue, 02 Jun 2020 05:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2020 05:51 PM IST
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Citing fake order, the land was made in its own name, FIR instructions, the then Registrar Kanungo guilty with the beneficiary party
आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी के निर्देश पर तहसील लालगंज के ग्रामसभा रज्जबपुर में सरकारी भूमि के संबंध में हुई जांच में बड़े पैमाने पर कूटरचना कर हाईकोर्ट के फर्जी आदेश का हवाला देते हुए भूमि अपने नाम कराने का मामला प्रकाश में आया है। मंडलायुक्त ने अमल दरामद को तत्काल खारिज कर उसे मूल खाते में दर्ज करने और फ्रॉड कर लाभ लेने वालों समेत तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो राममूरत राम के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा कार्रवाई के निर्देश एसडीएम लालगंज को दिए हैं।
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कमिश्नर ने बताया कि उनसे शिकायत की गई थी कि रज्जबपुर स्थित ग्रामसभा की कई आराजी को कतिपय लोगों ने कूटरचना करके अपने नाम दर्ज करा लिया है। प्रकरण की जांच अपर आयुक्त (प्रशासन) अनिल कुमार मिश्र से कराई गई। पाया गया कि गांव के कई गाटों पर गांव के पत्तू, झम्मन, सोमारू पुत्रगण पुरुषोत्तम और बचाऊ पुत्र सोमारू आदि के नाम अंकित हैं। जोत चकबंदी आकार पत्र 41 व 45 में वो आराजी पशुचर, भीटा, श्मशान, कब्रिस्तान, ऊसर, नवीन परती आदि खातों की जमीन है। इस पर इन लोगों ने कूटरिचत तरीके से अपना नाम अंकित करा लिया है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि उक्त अंकन को एसडीएम लालगंज ने 26 फरवरी 1993 और छह अगस्त 1993 को निरस्त कर दिया था। इसके विरुद्ध उन लोगों ने आयुक्त न्यायालय में निगरानी दाखिल की थी जो विचाराधीन थी। इसी दौरान सोमारू इत्यादि ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में रिट याचिका संख्या 18387/2005 सोमारू बनाम अपर आयुक्त आजमगढ़ का हवाला देते हुए एक फर्जी आदेश की अमल दरामद अंकित करा दिया। जांच में पाया गया कि यह रिट याचिका सोमारू द्वारा प्रस्तुत नहीं की गई है और न ही उसमें कोई आदेश पारित हुआ है। वह रिट याचिका संख्या 18387/2005 जनपद कौशांबी की रिट याचिका है।
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मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने बताया कि अमलदरामदकर्ता तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो राममूरत राम और लाभान्वित पक्ष के पत्तू, सोमारू, जनार्दन, ओमप्रकाश दारा, जनार्दन, दलजीत, चंद्रा देवी आदि दोषी हैं। एसडीएम लालगंज को निर्देशित किया कि तत्काल अमलदरामद खारिज कर उक्त आराजियात को मूल खाते में दर्ज करें और सभी दोषियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए।
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