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अपरेशन के नाम पर पांच हजार मांगने का आरोप, हंगामा
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आजमगढ़। जिला महिला अस्पताल की दशा लाख कवायद के बाद भी सुधार नहीं रही है। गुरुवार को भी आपरेशन के नाम पर पांच हजार रुपये की डॉक्टर द्वारा डिमांड किये जाने का मामला सामने आया। जिस पर मरीज के परिजनों ने हंगामा किया और यूपी 100 को बुला लिया। पुलिस के आने पर डॉक्टर मरीज को आपरेशन के लिए ओटी में ले गए।
शहर के कोलघाट मुहल्ला निवासीनी 25 वर्षीया सीमा यादव पत्नी पंकज यादव की डिलेवरी होनी थी। बुधवार को दोपहर में परिजन उसे जिला महिला अस्पताल लाकर भर्ती कराए। एक डॉक्टर उसे देख रहे थे। गुरुवार की सुबह डॉक्टर राउंड पर पर आए तो परिजनों को बताया कि आपरेशन से डिलेवरी होगी। मरीज को ओपीडी में लेकर आए। प्रसूता सीमा के परिजनों ने बताया कि ओपीडी में सुबह 10 बजे से दोपहर का दो बज गया, लेकिन डॉक्टर ने आपरेशन को लेकर कुछ नहीं कहा और मरीज परेशान रहा। डॉक्टर द्वारा अपरेशन के नाम पर पांच हजार रुपये की डिमांड की जा रही थी, जबकि महिला अस्पताल में डिलेवरी के नाम पर कोई शुल्क नहीं लगने का नियम है। पैसा देने में असमर्थता जताने पर उक्त डॉक्टर ने प्रसूता को परेशान हाल में बिना आपरेशन किए ही छोड़ कर चले गए। डॉक्टर के चले जाने पर परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। इसके साथ ही यूपी 100 पर फोन भी कर दिया गया। सूचना पर यूपी 100 टीम के साथ ही शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने पर आक्रोशित परिजन शांत हुए। इसके पश्चात पुलिस ने डॉक्टर से संपर्क किया। पुलिस के आने के बाद डॉक्टर शाम छह बजे अस्पताल पर पहुंचे और प्रसूता को आपरेशन से डिलेवरी के लिए ओटी में लेकर चले गए। इस बाबत पूछे जाने पर सीएमएस डॉ. अमिता अग्रवाल ने कहा कि उन्हें हंगामे की सूचना तो है लेकिन हंगामा क्यों हुआ यह नहीं पता है। इसके बारे में संबंधित डॉक्टर ही कुछ बता सकेंगे।
बिना पैसा लिए आपरेशन नहीं करते डॉक्टर
आजमगढ़। जिला महिला अस्पताल में आपरेशन से डिलेवरी ही नहीं बल्कि सामान्य डिलेवरी के नाम पर भी वसूली का खेल वर्षो से चल रहा है। जब कभी हंगामा हो जाता है तो लोगों को इसकी जानकारी होती है। अस्पताल पर तैनात सभी डॉक्टर आपरेशन से डिलेवरी के नाम पर तीन से पांच हजार रुपये तक की वसूली करते है। पूर्व में तो एक डॉक्टर ने पैसा न मिलने पर एक प्रसूता का पेट खोलने के बाद छोड़ दिया था। जिसे हंगामें के बाद परिजन प्राइवेट अस्पताल ले गये जहां उसकी डिलेवरी हुई। डॉक्टर ही नहीं यहां की नर्से भी प्रसूताओं व उनके तीमारदारों से डिलेवरी के बाद हजार से दो हजार रुपये की वसूली कर लेती है। पैसा न देने वाले मरीज की देख-रेख नर्सो द्वारा ठीक ढंग से नहीं की जाती है।
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कई बार हुई शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
आजमगढ़। महिला अस्पताल में आपरेशन के नाम पर वसूली का यह कोई नया प्रकरण नहीं है। हर दो-चार माह में आपरेशन के नाम पर वसूली का मामला सामने आता ही रहता है। इतना ही नहीं कई बार तो डॉक्टर की लापरवाही से प्रसूता व नवजात की जान भी जा चुकी है। हर बार शिकायत होती है। जांच बैठायी जाती है लेकिन नतीजा हर बार शीफर ही होता है। अब तक किसी भी दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई न होने से यहां तैनात डॉक्टरों के हौसले बुलंद है। अस्पताल पर तैनात एक डॉक्टर तो अब अस्पताल के बजाय आपरेशन वाले मरीजों को अपने प्राइवेट अस्पताल पर बुलाते है जहां उनका आपरेशन कर मोटी रकम वसूलते है।
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शहर के कोलघाट मुहल्ला निवासीनी 25 वर्षीया सीमा यादव पत्नी पंकज यादव की डिलेवरी होनी थी। बुधवार को दोपहर में परिजन उसे जिला महिला अस्पताल लाकर भर्ती कराए। एक डॉक्टर उसे देख रहे थे। गुरुवार की सुबह डॉक्टर राउंड पर पर आए तो परिजनों को बताया कि आपरेशन से डिलेवरी होगी। मरीज को ओपीडी में लेकर आए। प्रसूता सीमा के परिजनों ने बताया कि ओपीडी में सुबह 10 बजे से दोपहर का दो बज गया, लेकिन डॉक्टर ने आपरेशन को लेकर कुछ नहीं कहा और मरीज परेशान रहा। डॉक्टर द्वारा अपरेशन के नाम पर पांच हजार रुपये की डिमांड की जा रही थी, जबकि महिला अस्पताल में डिलेवरी के नाम पर कोई शुल्क नहीं लगने का नियम है। पैसा देने में असमर्थता जताने पर उक्त डॉक्टर ने प्रसूता को परेशान हाल में बिना आपरेशन किए ही छोड़ कर चले गए। डॉक्टर के चले जाने पर परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। इसके साथ ही यूपी 100 पर फोन भी कर दिया गया। सूचना पर यूपी 100 टीम के साथ ही शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने पर आक्रोशित परिजन शांत हुए। इसके पश्चात पुलिस ने डॉक्टर से संपर्क किया। पुलिस के आने के बाद डॉक्टर शाम छह बजे अस्पताल पर पहुंचे और प्रसूता को आपरेशन से डिलेवरी के लिए ओटी में लेकर चले गए। इस बाबत पूछे जाने पर सीएमएस डॉ. अमिता अग्रवाल ने कहा कि उन्हें हंगामे की सूचना तो है लेकिन हंगामा क्यों हुआ यह नहीं पता है। इसके बारे में संबंधित डॉक्टर ही कुछ बता सकेंगे।
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बिना पैसा लिए आपरेशन नहीं करते डॉक्टर
आजमगढ़। जिला महिला अस्पताल में आपरेशन से डिलेवरी ही नहीं बल्कि सामान्य डिलेवरी के नाम पर भी वसूली का खेल वर्षो से चल रहा है। जब कभी हंगामा हो जाता है तो लोगों को इसकी जानकारी होती है। अस्पताल पर तैनात सभी डॉक्टर आपरेशन से डिलेवरी के नाम पर तीन से पांच हजार रुपये तक की वसूली करते है। पूर्व में तो एक डॉक्टर ने पैसा न मिलने पर एक प्रसूता का पेट खोलने के बाद छोड़ दिया था। जिसे हंगामें के बाद परिजन प्राइवेट अस्पताल ले गये जहां उसकी डिलेवरी हुई। डॉक्टर ही नहीं यहां की नर्से भी प्रसूताओं व उनके तीमारदारों से डिलेवरी के बाद हजार से दो हजार रुपये की वसूली कर लेती है। पैसा न देने वाले मरीज की देख-रेख नर्सो द्वारा ठीक ढंग से नहीं की जाती है।
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कई बार हुई शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
आजमगढ़। महिला अस्पताल में आपरेशन के नाम पर वसूली का यह कोई नया प्रकरण नहीं है। हर दो-चार माह में आपरेशन के नाम पर वसूली का मामला सामने आता ही रहता है। इतना ही नहीं कई बार तो डॉक्टर की लापरवाही से प्रसूता व नवजात की जान भी जा चुकी है। हर बार शिकायत होती है। जांच बैठायी जाती है लेकिन नतीजा हर बार शीफर ही होता है। अब तक किसी भी दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई न होने से यहां तैनात डॉक्टरों के हौसले बुलंद है। अस्पताल पर तैनात एक डॉक्टर तो अब अस्पताल के बजाय आपरेशन वाले मरीजों को अपने प्राइवेट अस्पताल पर बुलाते है जहां उनका आपरेशन कर मोटी रकम वसूलते है।