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सावधान ! हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में हो रहा फर्जीवाड़ा
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आजमगढ़। शासन ने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाने पर सख्ती दिखाई तो लोग उसमें भी फर्जीवाड़ा करना शुरू कर दिया। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वाले दुकानदारों ने डुप्लीकेट हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाकर वाहनों में लगाना शुरू कर दिया। गाड़ी मालिकों को भरोसा दिला रहे हैं कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में फर्जी बार कोड भी लगा है। जिसे स्कैन करने पर उसमें कुछ भी नहीं आ रहा है।
शासन की ओर से वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में दुकानदार फर्जीवाड़ा शुरू कर दिए हैं। पहले तो हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की तरह लिखावट थी लेकिन 10 अंकों का कोड व स्टीकर (बार कोड) नहीं लगे थे। जिसके कारण कई वाहन पकड़े गए। इस फर्जीवाड़े में और सुधार करते हुए दुकानदारों ने फर्जी अंक व फर्जी बार कोड का स्टीकर भी लगाना शुरू कर दिया। चेकिंग के दौरान जब बार कोड को स्कैन किया जा रहा तो उसमें कुछ भी नहीं आ रहा था। जिससे नंबर प्लेट फर्जी होना पुष्ट हो रहा है।
हालांकि जिले में इस तरह के मामले सामने नहीं आए हैं। बाकी के अन्य जनपदों में इस तरह का मामला सामने आ रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि जनपद में डीलर के अलावा किसी भी बाहरी दुकानदार को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का जिम्मा नहीं मिला है। एआरटीओ ने वाहन स्वामियों को सतर्कता बरतने को कहा है। ताकि कोई इस फर्जीवाड़े का शिकार न हो सके।
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एआरटीओ प्रवर्तन संतोष कुमार सिंह ने बताया कि वाहनों में फर्जी नंबर प्लेट लगाए जा रहे हैं। वाहन स्वामी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। फर्जीवाड़े से बचने के लिए सतर्कता बरतें।
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शासन की ओर से वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में दुकानदार फर्जीवाड़ा शुरू कर दिए हैं। पहले तो हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की तरह लिखावट थी लेकिन 10 अंकों का कोड व स्टीकर (बार कोड) नहीं लगे थे। जिसके कारण कई वाहन पकड़े गए। इस फर्जीवाड़े में और सुधार करते हुए दुकानदारों ने फर्जी अंक व फर्जी बार कोड का स्टीकर भी लगाना शुरू कर दिया। चेकिंग के दौरान जब बार कोड को स्कैन किया जा रहा तो उसमें कुछ भी नहीं आ रहा था। जिससे नंबर प्लेट फर्जी होना पुष्ट हो रहा है।
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हालांकि जिले में इस तरह के मामले सामने नहीं आए हैं। बाकी के अन्य जनपदों में इस तरह का मामला सामने आ रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि जनपद में डीलर के अलावा किसी भी बाहरी दुकानदार को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का जिम्मा नहीं मिला है। एआरटीओ ने वाहन स्वामियों को सतर्कता बरतने को कहा है। ताकि कोई इस फर्जीवाड़े का शिकार न हो सके।
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एआरटीओ प्रवर्तन संतोष कुमार सिंह ने बताया कि वाहनों में फर्जी नंबर प्लेट लगाए जा रहे हैं। वाहन स्वामी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। फर्जीवाड़े से बचने के लिए सतर्कता बरतें।