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प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों का हंगामा
अ्मर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Thu, 22 Sep 2016 12:07 AM IST
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बीटीसी में प्रवेश के लिए जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान पहुंचे अभ्यर्थियों ने बुधवार को डायट परिसर में जमकर हंगामा किया। अभ्यर्थियों ने डायट प्रशासन पर शासनादेश की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
बीटीसी अभ्यर्थियों ने कहा कि शासनादेश के अनुसार विकलांग अभ्यर्थियों को उनके मनपसंद विद्यालयों में प्रवेश दिए जाने का प्रावधान है लेकिन डायट प्रशासन की ओर से उन्हें दूर के विद्यालयों में प्रवेश दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि अब तक उन्हें विद्यालय का आवंटन हो जाना चाहिए था लेकिन इस कार्य में विलंब हुआ जिसके कारण उन्हें आगे चलकर परेेेशानी का सामना करना होगा। अभ्यर्थियों ने कहा कि जिन विद्यालयों का आवंटन किया गया है वह लोग देरी के कारण मनमानी फीस की वसूली करेंगे। उनको अधिक धन खर्च करना होगा।
हंगामे को देख डायट प्रशासन ने जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी। मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों को शांत कराया और डायट प्रशासन से बातचीत की। डॉयट प्राचार्य परमहंस यादव ने बताया कि जनपद में कुल 60 बीटीसी स्कूल हैं जिनमें 3150 सीटें आवंटित हैं। पहली लिस्ट में हमने 2200 बच्चों को विद्यालय आवंटित कर दिया। दूसरी लिस्ट में आज 600 से 700 के बीच अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटित कर देंगे। पुरुष विज्ञान वर्ग और महिला विज्ञान वर्ग और विशेष आरक्षण में अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं, जिसके कारण उनकी सीटें खाली रह सकती हैं।
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बीटीसी अभ्यर्थियों ने कहा कि शासनादेश के अनुसार विकलांग अभ्यर्थियों को उनके मनपसंद विद्यालयों में प्रवेश दिए जाने का प्रावधान है लेकिन डायट प्रशासन की ओर से उन्हें दूर के विद्यालयों में प्रवेश दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि अब तक उन्हें विद्यालय का आवंटन हो जाना चाहिए था लेकिन इस कार्य में विलंब हुआ जिसके कारण उन्हें आगे चलकर परेेेशानी का सामना करना होगा। अभ्यर्थियों ने कहा कि जिन विद्यालयों का आवंटन किया गया है वह लोग देरी के कारण मनमानी फीस की वसूली करेंगे। उनको अधिक धन खर्च करना होगा।
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हंगामे को देख डायट प्रशासन ने जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी। मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों को शांत कराया और डायट प्रशासन से बातचीत की। डॉयट प्राचार्य परमहंस यादव ने बताया कि जनपद में कुल 60 बीटीसी स्कूल हैं जिनमें 3150 सीटें आवंटित हैं। पहली लिस्ट में हमने 2200 बच्चों को विद्यालय आवंटित कर दिया। दूसरी लिस्ट में आज 600 से 700 के बीच अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटित कर देंगे। पुरुष विज्ञान वर्ग और महिला विज्ञान वर्ग और विशेष आरक्षण में अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं, जिसके कारण उनकी सीटें खाली रह सकती हैं।
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