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अदा की अलविदा जुमे की नमाज
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Fri, 01 Jul 2016 11:36 PM IST
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नमाज अदा
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नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदों में अलविदा जुमे की नमाज बड़ी ही अकीदत के साथ अदा की गई। मस्जिदों के अंदर जगह नहीं मिलने पर काफी नमाजियों ने सड़क पर नमाज पढ़ी। दो मंजिला जामा मस्जिद पूरी तरह से खचाखच भरी रही। नमाज में सबसे ज्यादा तादात बच्चों की देखी गई। लोगों ने खुतबा सुना और नमाज पढ़कर देश के अमनों-अमान की दुआ किए जाने के साथ ही बारिश के लिए भी दुआ की। सुरक्षा की दृष्टि से सभी मस्जिदों पर पुलिस बल तैनात किए गए थे।
माहे रमजान का 25वें रोजे को अलविदा जुमा की नमाज अता करने के लिए सुबह से ही हर घरों में तैयारी चल रही थी। सबसे ज्यादा खुश बच्चे नजर आ रहे थे वह बार-बार अपने मां बाप से पूछते थे कि अलविदा जुमा की नमाज के बाद ईद आएगी। लोग मस्जिदों में जगह पाने के लिए नमाज के समय से पहले 12 बजे ही घर से निकल पड़े। जामा मस्जिद की तो यह हालत थी कि दोनों मंजिल, आंगन सभी नमाजियों से खचाखच भर गई थी।
जिन लोगों को मस्जिद में जगह नहीं मिली उनके लिए सड़क पर दरी बिछा दी गई थी। नमाज से पहले जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना इंतेखाब आलम कासमी ने माहे रमजान की अहमियत का जिक्र करते हुए कहा कि जिन लोग ने रोजा, नमाज एहतमाम के साथ अदा किया है। अल्लाह अपने ऐसे बंदों की हर मुरादों को पूरा करते हैं। इसी प्रकार दलालाघाट की मस्जिद, टेढिय़ा मस्जिद, बागमीरपेटू की मस्जिद, कटरा मस्जिद, बाजबहादुर मुहल्ले की मस्जिद, सिधारी स्थित मस्जिद में अलविदा जुमा की नमाज बड़ी ही अकीदत के साथ अदा की गई।
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इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में मालटारी, अंबारी, फूलपुर, सरायमीर, फरिहा, बिलरियागंज, मुबारकपुर, अमिलों आदि क्षेत्रों की मस्जिदों में अलविदा जुमा की नमाज पढ़ी गई। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से हर मस्जिदों के पास पुलिस बल लगाया गया था।
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माहे रमजान का 25वें रोजे को अलविदा जुमा की नमाज अता करने के लिए सुबह से ही हर घरों में तैयारी चल रही थी। सबसे ज्यादा खुश बच्चे नजर आ रहे थे वह बार-बार अपने मां बाप से पूछते थे कि अलविदा जुमा की नमाज के बाद ईद आएगी। लोग मस्जिदों में जगह पाने के लिए नमाज के समय से पहले 12 बजे ही घर से निकल पड़े। जामा मस्जिद की तो यह हालत थी कि दोनों मंजिल, आंगन सभी नमाजियों से खचाखच भर गई थी।
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जिन लोगों को मस्जिद में जगह नहीं मिली उनके लिए सड़क पर दरी बिछा दी गई थी। नमाज से पहले जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना इंतेखाब आलम कासमी ने माहे रमजान की अहमियत का जिक्र करते हुए कहा कि जिन लोग ने रोजा, नमाज एहतमाम के साथ अदा किया है। अल्लाह अपने ऐसे बंदों की हर मुरादों को पूरा करते हैं। इसी प्रकार दलालाघाट की मस्जिद, टेढिय़ा मस्जिद, बागमीरपेटू की मस्जिद, कटरा मस्जिद, बाजबहादुर मुहल्ले की मस्जिद, सिधारी स्थित मस्जिद में अलविदा जुमा की नमाज बड़ी ही अकीदत के साथ अदा की गई।
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इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में मालटारी, अंबारी, फूलपुर, सरायमीर, फरिहा, बिलरियागंज, मुबारकपुर, अमिलों आदि क्षेत्रों की मस्जिदों में अलविदा जुमा की नमाज पढ़ी गई। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से हर मस्जिदों के पास पुलिस बल लगाया गया था।