{"_id":"68ee8f7c3f0f03bd95073e19","slug":"boiled-potatoes-in-khoya-and-flour-mixed-in-chenna-azamgarh-news-c-190-1-ana1001-150223-2025-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: खोवा में उबला आलू और छेना में मिला रहे मैदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: खोवा में उबला आलू और छेना में मिला रहे मैदा
विज्ञापन
बलिया। दीपावली आने वाली है। ऐसे में धंधेबाज मिलावटी मिठाई बाजार में उतार रहे हैं। उन्हें लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। हालांकि, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार छापा मार रही है। त्योहार नजदीक आते ही चंद पैसों के लालच में खोवा में उबला आलू, स्टार्च व छेने में मैदा मिला रहे हैं। इसकी बनी मिठाई खाकर लोग गम्भीर बीमारियों को आमंत्रण दे रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अक्तूबर 2024 से अबतक 493 नमूना लिए हैं। रिपोर्ट में 167 नमूने पास हुए और 318 नमूना फेल रहे। मिठाई व खाद्य पदार्थों में सभी में कुछ न कुछ कमियां मिली हैं। विभाग ने मिलावट खोरों पर 20.65 लाख रुपया जुर्माना लगाकर नोटिस जारी किया है। सबसे ज्यादा खतरा खोआ, छेना व पनीर में मिला। लोग मुंह मीठा के नाम पर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रितेश सोनी ने कहा कि मिलावटी खाेवा, छेना व पनीर के सेवन से फूड प्वाइजनिंग, लीवर और किडनी से जुड़ी बीमारियां होने की संभावना रहती है। इसलिए असली खोवे की पहचान करना बेहद जरूरी है। त्योहार को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत विभाग ने पिछले दस दिनों में 20 किलो से अधिक खोवा, छेना व पनीर को नष्ट किया है।
विज्ञापन
असली और नकली खोवा की पहचान कैसे करें
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय डॉ. वेद प्रकाश मिश्र ने बताया कि खोवे को हाथ में लेकर मसलने पर अगर गोली बने व घी निकले तो वह सही है। अगर खोवा भुरभुरा हो जाए तो मान लीजिए कि उसमें मिलावट की गई है। वहीं, एक चम्मच खोवा हथेली पर लें और उसमें एक बूंद आयोडीन डाले। यदि खोवा नीला हो जाए, तो समझ जाएं कि उसमें स्टार्च मिला है, यानी यह नकली है। असली खोवा इस टेस्ट में रंग नहीं बदलता। मिलावट करने वाले पर कानूनी आर्थिक दंड के अलावा कानूनी कार्रवाई भी की जाती है।
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अक्तूबर 2024 से अबतक 493 नमूना लिए हैं। रिपोर्ट में 167 नमूने पास हुए और 318 नमूना फेल रहे। मिठाई व खाद्य पदार्थों में सभी में कुछ न कुछ कमियां मिली हैं। विभाग ने मिलावट खोरों पर 20.65 लाख रुपया जुर्माना लगाकर नोटिस जारी किया है। सबसे ज्यादा खतरा खोआ, छेना व पनीर में मिला। लोग मुंह मीठा के नाम पर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर रहे हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रितेश सोनी ने कहा कि मिलावटी खाेवा, छेना व पनीर के सेवन से फूड प्वाइजनिंग, लीवर और किडनी से जुड़ी बीमारियां होने की संभावना रहती है। इसलिए असली खोवे की पहचान करना बेहद जरूरी है। त्योहार को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत विभाग ने पिछले दस दिनों में 20 किलो से अधिक खोवा, छेना व पनीर को नष्ट किया है।
विज्ञापन
असली और नकली खोवा की पहचान कैसे करें
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय डॉ. वेद प्रकाश मिश्र ने बताया कि खोवे को हाथ में लेकर मसलने पर अगर गोली बने व घी निकले तो वह सही है। अगर खोवा भुरभुरा हो जाए तो मान लीजिए कि उसमें मिलावट की गई है। वहीं, एक चम्मच खोवा हथेली पर लें और उसमें एक बूंद आयोडीन डाले। यदि खोवा नीला हो जाए, तो समझ जाएं कि उसमें स्टार्च मिला है, यानी यह नकली है। असली खोवा इस टेस्ट में रंग नहीं बदलता। मिलावट करने वाले पर कानूनी आर्थिक दंड के अलावा कानूनी कार्रवाई भी की जाती है।