UP Election Result: आजमगढ़ में सपा ने बनाया जीत का रिकार्ड, भाजपा से ज्यादा बसपा को हुआ नुकसान
आजमगढ़ को बीते कई चुनावों से समाजवाद का गढ़ कहा जाता है। विधान सभा चुनाव रहा हो अथवा लोकसभा चुनाव। आजमगढ़ की 10 विधानसभा और लोकसभा की दो सीटें सपा व बसपा के बीच ही घूमती रही हैं।
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बीते 2017 के विधानसभा चुनाव तक आजमगढ़ सपा और बसपा का गढ़ कहा जाता था लेकिन इस बार सभी दस सीटों पर पर सपा ने जीत दर्ज करा कर पिछले रिकार्डों को तोड़ दिया। अब यह जिला पूरी तरह से सपा के गढ़ के रूप में उभर कर सामने आया है। इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा नौ सीटों पर दूसरे तो बसपा तीसरे स्थान पर रही।
जिले को बीते कई चुनावों से समाजवाद का गढ़ कहा जाता है। विधान सभा चुनाव रहा हो अथवा लोकसभा चुनाव। आजमगढ़ की दस विधानसभा और लोकसभा की दो सीटें सपा व बसपा के बीच ही घूमती रही हैं। इक्का-दुक्का बार कहीं भाजपा को जीत का स्वाद चखने को मिला है।
देश व प्रदेश की राजनीति में आजमगढ़ सपा व बसपा के गढ़ के रुप में जानी जाती रही है लेकिन 2022 के चुनाव ने आजमगढ़ को सिर्फ और सिर्फ समाजवादी पार्टी के गढ़ के रुप में चिह्नित कर दिया है। जिले के सभी दसों विधान सभा सीटों पर इस बार समाजवादी पार्टी का परचम लहराया है।
आजमगढ़ में सबसे बुरा हाल बसपा का
आजमगढ़ सदर सीट से दुर्गा प्रसाद यादव, अतरौलिया से डॉ. संग्राम यादव, गोपालपुर से नफीस अहमद, निजामाबाद से आलमबदी आजमी, सगड़ी से डॉ. एचएन पटेल, लालगंज से बेचई सरोज, मेंहनगर से पूजा सरोज, फूलपुर पवई से रमाकांत यादव, मुबारकपुर से अखिलेश यादव, दीदारगंज से कमलाकांत राजभर ने जीत दर्ज की है।
सबसे बुरा हाल तो आजमगढ़ में बसपा का हुुआ है। कभी जिले के इस विधानसभा सीट पर पहले या दूसरे स्थान पर रहने वाली बसपा इस बार सभी सीटों पर तीसरे पायदान पर पहुंच गई। वहीं ओवैसी की एआईएमआईएम मुबारकपुर विस सीट पर दूसरे स्थान पर पहुंच कर अपनी बेहतर उपस्थिति दर्ज कराई है। भा
भारतीय जनता पार्टी ने जिले में इस बार भले ही किसी भी सीट पर जीत नहीं दर्ज किया लेकिन मुबारकपुर को छोड़ शेष सभी नौ सीटों पर इस पार्टी के प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे। आजमगढ़ सदर सीट से अखिलेश मिश्रा व अतरौलिया से भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी के प्रशांत सिंह ने तो सपा के विजेता उम्मीदवारों दुर्गा प्रसाद यादव व डॉ. संग्राम यादव को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया।
2022 के विस चुनाव ने आजमगढ़ को पूरी तरह से जहां सपा का गढ़ साबित कर दिया है तो वहीं बसपा के स्थान पर भाजपा को नंबर दो पार्टी बना दिया है। बसपा इस बार पूरी तरह से फिसड्डी साबित होते हुए तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। कांग्रेस पार्टी की बात की जाए तो किसी भी सीट पर वह बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी है।