फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Bank details of the accused of Rs 190 crore cyber fraud are being scrutinized

Azamgarh News: 190 करोड़ की साइबर ठगी के आरोपियों के खंगाले जा रहे बैंक डिटेल

Wed, 27 Nov 2024 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2024 11:45 PM IST
विज्ञापन
Bank details of the accused of Rs 190 crore cyber fraud are being scrutinized
आजमगढ़। पुलिस ने मंगलवार को साइबर ठगी करने वाले बड़े रैकेट का खुलासा किया। खुलासे के बाद अब पुलिस आरोपियों से बरामद अभिलेखों और खातों की छानबीन कर रही है। ताकि पता लगाया जा सके कि खाते में पैसा कहां-कहां से आता था और कहां-कहां जाता था। बताते चलें कि पुलिस ने 190 करोड़ साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैंग का पर्दाफाश कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, दो आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस ने 169 बैंक खातों में दो करोड़ रुपये फ्रीज किए, 35 लाख रुपये के सामान, तीन लाख 40 हजार नकद जब्त किया। 51 मोबाइल, छह लैपटाप, 61 एटीएम कार्ड, 56 बैंक पासबुक, 19 सिम कार्ड, सात चेक बुक, तीन आधार कार्ड और एक जीओ फाइबर राउटर बरामद किया। पकड़ा गया गैंग भारत के साथ ही श्रीलंका, यूएई के मेंबर व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ कर ठगी के पैसों का लेन देन करते थे। अब पुलिस आरोपियों के पास से मिले खातों की डिटेल, मोबाइल फोन, लैपटाॅप, बैंक पासबुक आदि को खंगालने में जुट गई है। ताकि वह इस बात पता लगा सके कि इसमें और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। साथ ही जिसे पैसे की यह लोग ठगी करते थे, वह कहां-कहां जाता था। कहां-कहां से आता था।
विज्ञापन

00

ग्रुप में बातें करके फंसाते थे लोगों को

पुलिस की मानें तो इन लोगों ने ग्रुप बनाया था। जब यह किसी को इस ग्रुप में जोड़ते थे तो उसमें पहले से ही इनके 17 से 18 आदमी जुड़े होते थे। वह कहते थे यार मैंने पैसा लगाया तो मुझे डेढ़ लाख फायदा हुआ। तुम्हें कितना हुआ तो दूसरा कहता मैंने दूसरी जगह लगाया था तो मुझे ढाई लाख रुपये का फायदा हुआ। इस तरह से वह ग्रुप में शामिल दूसरे लोगों को झांसे में लेते थे। जब वह उक्त व्यक्ति को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लेते थे तो उससे भी पैसे लगवाते थे।
विज्ञापन


00

प्रतिबंधित एप का करते थे प्रयोग

आरोपी प्रतिबंधित एप रेड्डी, अन्ना, लोटस और महादेव का प्रयोग करते थे। लोगों को पैसे दोगुना व तीन गुना जीतने का प्रलोभन देकर गेम खिलाते थे। आरोपी इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, मेटा और टेलीग्राम पर विज्ञापन के माध्यम से लोगों को फंसाते थे। इसके बाद एप के विभिन्न गेमों में उनकी लाॅगिन आईडी बनाकर साइबर ठगी करके सारा पैसा फर्जी खातों व फर्जी मोबाइलों के जरिए ट्रांसफर कर लेते थे। इसके बाद उनकी आईडी ब्लाॅक कर देते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


00

अभी तक इन्होंने किसके साथ ठगी किसके-किसके साथ की है। इसका पता नहीं चल सका है। अभी तक कोई बड़ा नाम भी सामने नहीं आया है। इनसे मिले अभिलेखों की जांच की जा रही है। जल्द ही इस मामले में कुछ नया सामने आ सकता है।

हेमराज मीणा, एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed