{"_id":"5e0257c28ebc3e87b6798c47","slug":"azamgarh-azamgarh-news-vns501389195","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपस में भिड़े जिला अस्पताल के दो डॉक्टर, मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपस में भिड़े जिला अस्पताल के दो डॉक्टर, मचा हड़कंप
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आजमगढ़। जिला अस्पताल में मंगलवार को एक ओपीडी कक्ष में बैठने को लेकर अस्पताल के दो वरिष्ठ सर्जन आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच कक्ष बंद कर हाथापाई भी हुई और एक डॉक्टर को जान बचा कर मौके से भागना पड़ गया। अस्पताल में हुए हंगामे को तो पहले एसआईसी दबाने के प्रयास में जुटे रहे, बाद में प्रकरण डीएम के संज्ञान में पहुंचने की बात सुनने पर दो सदस्यी जांच टीम गठित कर दिया।
जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ सर्जन डॉ. आलोक वर्मा को ओपीडी के लिए कक्ष संख्या नौ एलाट है। वहीं दूसरे वरिष्ठ सर्जन डॉ. एके कुशवाहा ओपीडी कक्ष संख्या 19 में बैठते थे। डॉ. एके कुशवाहा बेटी की शादी के लिए छुट्टी पर गए थे। इस दौरान डॉ. आलोक वर्मा अपने कक्ष के बजाए कक्ष संख्या 19 में मरीज को देख रहे थे। मंगलवार को डॉ. कुशवाहा छुट्टी से वापस लौट आये तो अपने ओपीडी कक्ष संख्या 19 में मरीजों को देखने लगे। कुछ देर बाद डॉ. आलोक वर्मा वहां पहुंचे और वहां बैठने को लेकर डॉ. कुशवाहा से भिड़ गये। यहां कुर्सी पर बैठने को लेकर दोनों वरिष्ठ सर्जनों में कहासुनी होने लगी। तू-तू, मैं-मैं से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हाथापाई में तब्दील हो गया। बताया जाता है कि कक्ष बंद कर जम कर दोनों वरिष्ठों में हाथापाई हुई। नौबत यहां तक आ गई कि एक डॉक्टर को जान बचा कर भागना तक पड़ गया। डॉ. एके कुशवाहा ने इस बाबत एसआईसी से लिखित व टेलीफोनिक शिकायत भी किया। लेकिन एसआईसी पहले तो घटना से अनभिज्ञ बने रहे। बाद में जब उनसे यह कहा गया कि प्रकरण डीएम तक पहुंच गया तो उन्होंने शिकायत मिलने की बात को स्वीकार किया और जांच के लिए दो सदस्यी टीम गठित कर दी। जांच टीम में डॉ. चंद्रहास व डॉ. रामकेवल को शामिल किया गया है।
घंटो मरीज व तीमारदार हुए परेशान
अस्पताल के ओपीडी कक्ष में बैठने को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों डॉक्टर ओपीडी छोड़ कर चले गये। जिसके चलते ओपीडी कक्ष पर डॉक्टर को दिखाने के लिए लाइन में लगे मरीजों व तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। घंटे भर से अधिक समय तक ओपीडी प्रभावित रही और अस्पताल प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
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ओपीडी कक्ष संख्या 19 में मंगलवार व गुरुवार मैं बैठता हूं। मैं बैठ कर मरीज देख रहा था कि इसी दौरान डॉ. आलोक वर्मा भी वहां आ गये और मेरे कक्ष में ही बैठने को लेकर विवाद करने लगे। इस दौरान उन्होंने गंदी गालियां देने के साथ ही मुझ पर हमला भी बोल दिया। कमरा बंद कर मारपीट किया। मैंने सारे घटनाक्रम से एसआईसी को अवगत करा दिया है।
डॉ. एके कुशवाहा, वरिष्ठ सर्जन, जिला अस्पताल, आजमगढ़।
मुझे कक्ष संख्या 19 में एसआईसी ने बैठाया था, मेरा किसी से कोई विवाद नहीं हुआ है। अब कोई क्या आरोप लगाता है यह मैं नहीं जानता।
डॉ. आलोक वर्मा, वरिष्ठ सर्जन, जिला अस्पताल।
प्रकरण संज्ञान में आया है, डॉ. कुशवाहा का शिकायती पत्र भी मिला है। जिसके आधार पर दो सदस्यी जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच टीम में डॉ. चंद्रहास व डॉ. रामकेवल को शामिल किया गया है। जांच टीम अपनी रिपोर्ट देंगी, जिसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जायेगी।
डॉ एसकेजी सिंह, एसआईसी, जिला अस्पताल।
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जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ सर्जन डॉ. आलोक वर्मा को ओपीडी के लिए कक्ष संख्या नौ एलाट है। वहीं दूसरे वरिष्ठ सर्जन डॉ. एके कुशवाहा ओपीडी कक्ष संख्या 19 में बैठते थे। डॉ. एके कुशवाहा बेटी की शादी के लिए छुट्टी पर गए थे। इस दौरान डॉ. आलोक वर्मा अपने कक्ष के बजाए कक्ष संख्या 19 में मरीज को देख रहे थे। मंगलवार को डॉ. कुशवाहा छुट्टी से वापस लौट आये तो अपने ओपीडी कक्ष संख्या 19 में मरीजों को देखने लगे। कुछ देर बाद डॉ. आलोक वर्मा वहां पहुंचे और वहां बैठने को लेकर डॉ. कुशवाहा से भिड़ गये। यहां कुर्सी पर बैठने को लेकर दोनों वरिष्ठ सर्जनों में कहासुनी होने लगी। तू-तू, मैं-मैं से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हाथापाई में तब्दील हो गया। बताया जाता है कि कक्ष बंद कर जम कर दोनों वरिष्ठों में हाथापाई हुई। नौबत यहां तक आ गई कि एक डॉक्टर को जान बचा कर भागना तक पड़ गया। डॉ. एके कुशवाहा ने इस बाबत एसआईसी से लिखित व टेलीफोनिक शिकायत भी किया। लेकिन एसआईसी पहले तो घटना से अनभिज्ञ बने रहे। बाद में जब उनसे यह कहा गया कि प्रकरण डीएम तक पहुंच गया तो उन्होंने शिकायत मिलने की बात को स्वीकार किया और जांच के लिए दो सदस्यी टीम गठित कर दी। जांच टीम में डॉ. चंद्रहास व डॉ. रामकेवल को शामिल किया गया है।
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घंटो मरीज व तीमारदार हुए परेशान
अस्पताल के ओपीडी कक्ष में बैठने को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों डॉक्टर ओपीडी छोड़ कर चले गये। जिसके चलते ओपीडी कक्ष पर डॉक्टर को दिखाने के लिए लाइन में लगे मरीजों व तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। घंटे भर से अधिक समय तक ओपीडी प्रभावित रही और अस्पताल प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
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ओपीडी कक्ष संख्या 19 में मंगलवार व गुरुवार मैं बैठता हूं। मैं बैठ कर मरीज देख रहा था कि इसी दौरान डॉ. आलोक वर्मा भी वहां आ गये और मेरे कक्ष में ही बैठने को लेकर विवाद करने लगे। इस दौरान उन्होंने गंदी गालियां देने के साथ ही मुझ पर हमला भी बोल दिया। कमरा बंद कर मारपीट किया। मैंने सारे घटनाक्रम से एसआईसी को अवगत करा दिया है।
डॉ. एके कुशवाहा, वरिष्ठ सर्जन, जिला अस्पताल, आजमगढ़।
मुझे कक्ष संख्या 19 में एसआईसी ने बैठाया था, मेरा किसी से कोई विवाद नहीं हुआ है। अब कोई क्या आरोप लगाता है यह मैं नहीं जानता।
डॉ. आलोक वर्मा, वरिष्ठ सर्जन, जिला अस्पताल।
प्रकरण संज्ञान में आया है, डॉ. कुशवाहा का शिकायती पत्र भी मिला है। जिसके आधार पर दो सदस्यी जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच टीम में डॉ. चंद्रहास व डॉ. रामकेवल को शामिल किया गया है। जांच टीम अपनी रिपोर्ट देंगी, जिसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जायेगी।
डॉ एसकेजी सिंह, एसआईसी, जिला अस्पताल।