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सजने लगा अवंतिकापुरी धाम
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रानी की सराय। विकास खंड के आंवक स्थित अवंतिकापुरी धाम के प्रति लोगों की श्रद्धा है। यह स्थान उपेक्षा का शिकार था। अब पर्यटन विभाग की ओर से इसका कायाकल्प किया जा रहा है। विभाग ने तीन करोड़ रुपये की लागत से काम कराना शुरू किया है।
आंवक गांव में ही अवंतिकापुरी धाम पर पौराणिक मंदिर है। हजारों श्रद्धालु अवंतिकापुरी सरोवर में स्नान करने के लिए आते हैं। पूर्णिमा पर मेला लगता है तो दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। कहते हैं कि संदीपन ऋषि का आश्रम यहीं था। राजा परीक्षित को जब सांप ने डस लिया और उनकी मौत हो गई तो उनके पुत्र राजा जन्मेजय ने यहीं पर नाग यज्ञ किया था। उन्होंने जिस स्थान पर यज्ञ पर यज्ञ किया था आज वह स्थान पोखरे के रूप में विद्यमान है। पौराणिक स्थल होने के बाद भी यह स्थान उपेक्षित ही रहा। पुरातत्व विभाग की टीम ने यहां पर खुदाई की थी तो उसे कुछ बर्तन, सिक्के आदि मिले थे। इस धाम के विकास के लिए लोगों द्वारा काफी दिनों से मांग की जा रही थी। अब पर्यटन विभाग की ओर से इस धाम के सुंदरीकरण के लिए तीन करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस रुपये से यहां पर धाम के सुंदरीकरण का कार्य शुरू हो चुका है।
ठेकेदार प्रभाकर सिंह ने बताया कि सरोवर में स्नान के लिए करीब तीन करोड़ की लागत से सीढ़ी निर्माण, मंदिर तक 300 मीटर की सीसी रोड, शौचालय, पाथवे, कपड़ा बदलने के लिए कक्ष व रैन बसेरा बनाया जा रहा है। ज्यादातर काम हो चुके हैं। सीढ़ी व रैनबसेरे का निर्माण बाकी है। बारिश के बाद उसे भी पूरा कर लिया जाएगा।
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- आठ लाख 40 हजार की लागत से धाम परिसर में 30 सोलर लाइटें लगाई गई हैं। कुछ में अभी कनेक्शन नहीं हुआ है। यह लाइटें सूर्य की रोशनी से संचालित होंगी। जल्द ही सभी लाइटों का कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद धाम रोशनी से जगमगाएगा।
सुरेंद्र गुप्ता, अवर अभियंता
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आंवक गांव में ही अवंतिकापुरी धाम पर पौराणिक मंदिर है। हजारों श्रद्धालु अवंतिकापुरी सरोवर में स्नान करने के लिए आते हैं। पूर्णिमा पर मेला लगता है तो दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। कहते हैं कि संदीपन ऋषि का आश्रम यहीं था। राजा परीक्षित को जब सांप ने डस लिया और उनकी मौत हो गई तो उनके पुत्र राजा जन्मेजय ने यहीं पर नाग यज्ञ किया था। उन्होंने जिस स्थान पर यज्ञ पर यज्ञ किया था आज वह स्थान पोखरे के रूप में विद्यमान है। पौराणिक स्थल होने के बाद भी यह स्थान उपेक्षित ही रहा। पुरातत्व विभाग की टीम ने यहां पर खुदाई की थी तो उसे कुछ बर्तन, सिक्के आदि मिले थे। इस धाम के विकास के लिए लोगों द्वारा काफी दिनों से मांग की जा रही थी। अब पर्यटन विभाग की ओर से इस धाम के सुंदरीकरण के लिए तीन करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस रुपये से यहां पर धाम के सुंदरीकरण का कार्य शुरू हो चुका है।
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ठेकेदार प्रभाकर सिंह ने बताया कि सरोवर में स्नान के लिए करीब तीन करोड़ की लागत से सीढ़ी निर्माण, मंदिर तक 300 मीटर की सीसी रोड, शौचालय, पाथवे, कपड़ा बदलने के लिए कक्ष व रैन बसेरा बनाया जा रहा है। ज्यादातर काम हो चुके हैं। सीढ़ी व रैनबसेरे का निर्माण बाकी है। बारिश के बाद उसे भी पूरा कर लिया जाएगा।
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- आठ लाख 40 हजार की लागत से धाम परिसर में 30 सोलर लाइटें लगाई गई हैं। कुछ में अभी कनेक्शन नहीं हुआ है। यह लाइटें सूर्य की रोशनी से संचालित होंगी। जल्द ही सभी लाइटों का कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद धाम रोशनी से जगमगाएगा।
सुरेंद्र गुप्ता, अवर अभियंता