आजमगढ़। विकास खंड कोयलसा के अंतर्गत पांच पशु चिकित्सालय हैं, लेकिन दो अस्पताल फार्मासिस्टों के भरोसे चल रहे। वहीं, एक अन्य अस्पताल के डॉक्टर अपनी मूल तैनाती से गायब रहते हैं। इससे पशुपालक काफी परेशान हैं। उन्हें मजबूर होकर झोलाछाप डॉक्टरों के यहां अपने पशुओं को इलाज करना पड़ रहा है। इससे उनकी जेब भी ढीली हो रही है।
ब्लॉक क्षेत्र के कोयलसा, गोपालगंज भेदौरा, डिगुरपुर, कौड़िया और मदियापार में पशु चिकित्सालय बने हैं। इसमें मदियापार अस्पताल में डॉक्टर नियमित रूप से बैठते हैं। कोयलसा पशु अस्पताल को खुद डिप्टी सीवीओ डॉ. संतोष कुमार देख रहे हैं। इसके अलावा कौड़िया पशु अस्पताल में डॉक्टर तो तैनात हैं लेकिन वह अस्पताल में कभी नहीं बैठते। मूल तैनाती स्थल छोड़कर प्रभार वाले अस्पताल सरायमीर में बैठते हैं। यहां डॉक्टर, फार्मासिस्ट न होने से पशुपालक परेशान होते हैं। वहीं, पशु अस्पताल गोपालगंज भेदौरा में कोयलसा और पशु अस्पताल डिगुरपुर में मदियापार के फार्मासिस्ट सप्ताह में दो दिन जाकर बैठते हैं, लेकिन इन पर दवा वितरण और कागजी काम भी करना होता है। कोठवा जलालपुर, हुंसेपुर सनूप और गौरा में गौशाला भी है। क्षेत्र के पशुपालक हरिलाल राजभर, विनीत रंजन, विजय दत्त दुबे, मुन्ना यादव, राजेश ने बताया कि कौड़िया अस्पताल में मूल तैनाती होने के बाद भी डॉक्टर यहां नहीं बैठते। गोपालगंज भेदौरा और मदियापार में डॉक्टर ही नहीं हैं। बरसात के मौसम में पशुओं को तमाम तरह की बीमारियां हो रही हैं। लोग झोलाछाप डॉक्टरों से पशुओं का इलाज कराने को मजबूर हैं। संवाद