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आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के साथ के खिलाफ दुष्प्रचार का आरोप

Wed, 09 Dec 2020 11:35 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 09 Dec 2020 11:35 PM IST
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Allegations of propaganda against with Ayurvedic medical practice
आजमगढ़। आयुर्वेदिक चिकित्सकों को 58 तरीके के आपरेशन की सुविधा देने को लेकर आईएमए जहां सरकार के आदेश का विरोध कर रहा है, नहीं नीमा सरकार के आदेश के पक्ष में आईएमए के विरोध में उतर आया है। बुधवार को नीमा के पदाधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस कर आईएमए के विरोध को निंदनीय बताया। कहा कि केंद्र सरकार ने आयुर्वेदिक चिकित्सकों को आयुर्वेद में जनरल सर्जरी और शालाक्य (ईए टी) के पोस्ट ग्रेज्युएट डॉक्टरों को 58 तरीके की शल्य क्रियाएं करने की इजाजत दी है।
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आईएमए ने देशभर में इसका विरोध शुरू कर दिया है। आयुर्वेद के पोस्ट ग्रेज्युएट्स काफी पहले से ये शल्य क्रिया करते आएं हैं। आईएमए जानबूझ कर विरोध जताकर शिक्षित और प्रशिक्षित डॉक्टरों की पड़ाईई और ज्ञान पर संदेह कर रहा है। ये निंदनीय है।
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नीमा ने केंद्र सरकार के इस आदेश के स्वागत किया और सरकार का आभार व्यक्त किया। कहा कि आईएमए आयुर्वेद शास्त्र और आयुर्वेद के डॉक्टरों को बदनाम कर रही है। निमा सच को सामने लाकर रहेगा।
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डॉ. पीके मिश्रा ने कहा कि मॉडर्न सर्जरी के जनक के रूप मे आचार्य सुश्रुत को पूरी दुनिया ने माना है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में कई मुश्किल सर्जरी सफलतापूर्वक किए जाने के प्रमाण मिले हैं। आईएमए आयुष डॉक्टरों को अनाड़ी दिखाने कीं कोशिश कर रहा है। आयुर्वेद शाखा को ऐडमिशन नीट परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद ही मिलता है। एमबीबीएस की तरह साढ़े चार साल की बीएएमएस की पढ़ाई होती है। इसके दौरान एनाटॉमी, फिजिओलॉजी, पीएसएम, सर्जरी, बालरोग, नेत्ररोग, स्त्रीरोग, मेडिसिन, इएनटी आदि विस्तार से सिखाए जाते हैं। मानव शरीर पर डिसेक्शन भी सिखाया जाता है। आईएमए ये दिखाने की कोशिश कर रहा है कि सिर्फ बीएएमएस करने वाला डॉक्टर शल्य क्रिया करेगा, लेकिन ये झूठा दुष्प्रचार है।

बीएएमएस की पढ़ाई पूरी करके तीन साल का पोस्ट ग्रेज्युएट कोर्स होता है। इसमें सर्जरी की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। नीमा के अध्यक्ष डॉ. डीडी सिंह ने कहा कि 11 दिसम्बर को आईएमए ने आरोग्य सेवाए रोकने का एलान किया है, उस दिन पूरे सभी आयुष क्लीनिक्स सुबह से रात तक पूरी तैयारी से शुरू रहेंगे। आरोग्य व्यवस्था में कोई कमी नहीं आने देंगे। आईएमए के विरोध प्रदर्शन में कोई भी आईएसएम डॉक्टर शामिल नहीं होगा। सरकार का आभार जताने के लिए 11 दिसम्बर को पूरे आयुष डॉक्टर्स पिंक रिबन बांधकर दिनभर सेवाएं देंगे। इस मौके पर
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