{"_id":"69b5ade2620dd24a33029fb4","slug":"allegations-of-irregularities-in-phd-entrance-exam-azamgarh-news-c-258-1-svns1001-146889-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: पीएचडी प्रवेश परीक्षा में अनियमितता का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: पीएचडी प्रवेश परीक्षा में अनियमितता का आरोप
विज्ञापन
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विवि की पीएचडी प्रवेश परीक्षा को लेकर एक छात्र ने अनियमितता का आरोप लगाया है। छात्र ने दावा किया है कि मेरिट सूची में तीसरी रैंक होने के बावजूद उसे काउंसलिंग से बाहर कर दिया गया। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए पूरी प्रक्रिया को नियमों के अनुसार बताया है। उधर, छात्र ने इस मामले की शिकायत राज्यपाल को पत्र भेजकर की है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। अभय कुमार यादव ने बताया कि विवि के संबद्ध महाविद्यालयों में एग्रोनॉमी विषय में चार पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। उन्होंने प्रवेश परीक्षा दी और प्रारंभिक परिणाम में उनकी तीसरी रैंक आई। पहले जारी कटऑफ के अनुसार वे क्वालीफाई भी कर गए थे, लेकिन कुछ दिन बाद नई कटऑफ जारी कर दी गई, जिसमें उन्हें बाहर कर दिया गया। उन्होंने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया, इसके बावजूद उन्हें काउंसलिंग में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कुलसचिव अंजनी कुमार मिश्रा ने कहा कि एग्रोनॉमी विषय में चार पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे और पूरी प्रक्रिया विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार संपन्न हुई है।
उन्होंने बताया कि पहली मेरिट सूची रोल नंबर के आधार पर जारी की गई थी। काउंसलिंग के बाद चार मुख्य उम्मीदवारों को प्रवेश दिया गया और अन्य को वेटिंग सूची में रखा गया। संवाद
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पहली मेरिट सूची रोल नंबर के आधार पर जारी की गई थी। काउंसलिंग के बाद चार मुख्य उम्मीदवारों को प्रवेश दिया गया और अन्य को वेटिंग सूची में रखा गया। संवाद
विज्ञापन