फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   AI will simplify mathematical modeling and also help in extending the lifespan of machines.

Azamgarh News: एआई से आसान होगी गणितीय मॉडलिंग, मशीनों की उम्र बढ़ाने में भी मिलेगी मदद

Sat, 24 Oct 2026 12:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:30 AM IST
विज्ञापन
AI will simplify mathematical modeling and also help in extending the lifespan of machines.
महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में  दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला को संबो​धित करती वक्ता। स्रो
महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में शुक्रवार को गणित विभाग की ओर से दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हुई। हाइब्रिड मोड में आयोजित कार्यशाला का विषय ‘ गणितीय मॉडलिंग, कंप्यूटिंग और अंतर्विषयक अनुसंधान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ है।
विज्ञापन

गुजरात से आए विशेषज्ञों ने गणित, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अंतर्विषयक शोध की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआई गणितीय मॉडलिंग को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने में सहायक है।
विज्ञापन

कार्यशाला की संरक्षिका राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल तथा पैट्रन कुलपति प्रो. संजीव कुमार हैं। कार्यक्रम की शुरुआत त्रिशिका श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय के कुलगीत से की। डॉ. अंकुर चौबे ने स्वागत भाषण दिया और अतिथियों का परिचय कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंच संचालन श्रेयांशी और शुभम ने किया। गुजरात से आईं प्रो. प्रज्ञा अमृतलाल वाधेर ने कहा कि चुंबकीय तरल पर शोध के लिए गणितीय मॉडल जरूरी हैं। एआई के इस्तेमाल से ऐसे शोध की सटीकता बढ़ाई जा सकती है।
प्रो. राकेश मणिलाल एच. पटेल ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि गणित अब श्यामपट तक सीमित नहीं है। गणितीय समीकरणों की मदद से मशीनों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उनकी उम्र लंबी करने में भी मदद मिल सकती है।
डॉ. घनश्याम आर. पटेल ने फजी लॉजिक की उपयोगिता बताते हुए कहा कि जीवन की हर स्थिति को शून्य या एक के रूप में नहीं समझा जा सकता। फजी लॉजिक अनिश्चित परिस्थितियों में निर्णय लेने में मदद करता है और एआई में इसकी अहम भूमिका है।
वहीं, डॉ. चिंतन पटेल ने जीव विज्ञान में डेटा विजुअलाइजेशन और कंप्यूटिंग के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों से शोध को नई दिशा मिल सकती है। अंत में डॉ. देव मणि दुबे ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

उन्होंने कार्यशाला के आयोजन में धीरज यादव के योगदान की विशेष सराहना की। इस अवसर पर डॉ. माणिक, डॉ. अक्षत द्विवेदी, डॉ. आरिफ, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. नसीम, डॉ. अर्चना पांडेय, डॉ. सचिन राय और डॉ. विभा मिश्रा सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। कार्यशाला में 150 से अधिक शोधार्थियों ने भाग लिया। आयोजन की जिम्मेदारी धीरज यादव ने संभाली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed