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Azamgarh News: नवजात की मौत के बाद मारा छापा, बिना पंजीकरण चल रहा अस्पताल सील
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पवई में अवैध अस्पताल को सील करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
पवई। प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को अस्पताल पर छापेमारी की। इस दौरान अस्पताल का संचालक मौके से भाग गया था। टीम की जांच में बिना मान्यता व बिना पंजीकरण के अस्पताल संचालित होता पाया गया। जांच के दौरान अस्पताल परिसर में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। विभाग ने पूरे परिसर को सील कर दिया।
मंगलवार को पवई बाजार स्थित नर्सिंग होम में क्षेत्र के सुम्हाडीह निवासिनी एक महिला के प्रसव के दौरान नवजात की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। नवजात की मौत के मामले में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर बुधवार को डिप्टी सीएमओ/नोडल निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. आलेंद्र कुमार बुधवार की सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ जांच करने पहुंचे थे।
मौके पर मकान मालिक को बुलाकर पूछताछ की गई और परिसर की चाबियां लेकर अस्पताल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि भवन के विभिन्न कमरों में अवैध रूप से ओटी, ओपीडी और जनरल वार्ड जैसी चिकित्सीय सुविधाएं संचालित की जा रही थीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल परिसर को पूर्ण रूप से सील कर दिया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा ने कहा है कि जनसामान्य के जीवन से खिलवाड़ करने वाले अवैध अस्पतालों व झोलाछाप चिकित्सा गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
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किसी भी स्थिति में बिना पंजीकरण व बिना मानक के संचालित चिकित्सा संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि फरार संचालक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। संवाद
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मंगलवार को पवई बाजार स्थित नर्सिंग होम में क्षेत्र के सुम्हाडीह निवासिनी एक महिला के प्रसव के दौरान नवजात की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। नवजात की मौत के मामले में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर बुधवार को डिप्टी सीएमओ/नोडल निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. आलेंद्र कुमार बुधवार की सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ जांच करने पहुंचे थे।
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मौके पर मकान मालिक को बुलाकर पूछताछ की गई और परिसर की चाबियां लेकर अस्पताल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि भवन के विभिन्न कमरों में अवैध रूप से ओटी, ओपीडी और जनरल वार्ड जैसी चिकित्सीय सुविधाएं संचालित की जा रही थीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल परिसर को पूर्ण रूप से सील कर दिया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा ने कहा है कि जनसामान्य के जीवन से खिलवाड़ करने वाले अवैध अस्पतालों व झोलाछाप चिकित्सा गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
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किसी भी स्थिति में बिना पंजीकरण व बिना मानक के संचालित चिकित्सा संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि फरार संचालक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। संवाद