आजमगढ़। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 78वें स्थापना दिवस पर हरिऔध कला केंद्र में छात्र महोत्सव का आयोजन हुआ। छात्रों को राष्ट्र, समाज और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया। मुख्य वक्ता सविष्कार के अखिल भारतीय प्रमुख अंशुल विद्यार्थी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही विद्यार्थियों के मन में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और चरित्र निर्माण के संस्कारों का संचार करती रही है। परिषद केवल छात्र हितों के लिए संघर्ष करने वाला संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित छात्र संगठन है। परिषद की कार्यपद्धति हमें सिखाती है कि शिक्षा केवल जीविका के लिए नहीं, बल्कि जीवन के निर्माण के लिए होनी चाहिए, और जीवन केवल स्वयं के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित होना चाहिए। भाजपा के प्रदेश मंत्री सहजानंद राय ने कहा कि परिषद की ही देन है कि उनके जैसे सैकड़ों विद्यार्थी राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ विभिन्न क्षेत्रों में समाज और राष्ट्र की सेवा में समर्पित हैं। आज समाज और शिक्षा जगत में दिखाई देने वाले अनेक सकारात्मक परिवर्तन विद्यार्थी परिषद के संघर्ष, रचनात्मक कार्यों और राष्ट्रहित के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का परिणाम हैं। इस दौरान डॉ. आशीष श्रीवास्तव, डॉ. रामजन्म दुबे, आदित्य गुप्ता, अंशिता सिंह आदि थे।