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ट्रक ने तीन को रौंदा एक की मौत, दो घायल
Azamgarh
Updated Sun, 12 May 2013 05:30 AM IST
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रानी की सराय। कस्बे के रेलवे स्टेशन मोड़ के पास शुक्रवार की रात में अनियंत्रित ट्रक ने चारपाई डालकर सो रहे एक ही परिवार के तीन सदस्यों को रौंद दिया। इसमें उपचार के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि दो गंभीर रुप से घायल हैं। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चालक ट्रक सहित फरार हो गया।
गनेश (42) पुत्र बैजनाथ रानी की सराय कस्बे का निवासी था। आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे स्टेशन मोड़ पर उसका मकान है। परिवार के भरण-पोषण के लिए वह साइकिल मरम्मत की दुकान खोला था। शुक्रवार की रात गनेश अपने बड़े पुत्र विशाल (13) व छोटे भाई राकेश (28) के साथ दरवाजे के बाहर चारपाई डालकर सोया हुआ था। रात करीब दो बजे आजमगढ़ से वाराणसी की तरफ जा रही ट्रक अनियंत्रित होकर तीनों को रौंद दिया। सोते समय पैर पर ट्रक का पहिया चढ़ जाने से तीनों गंभीर रुप से घायल हो गए। इसी बीच भाग रहे ट्रक के सामने विद्युत पोल आ जाने से चालक ट्रक को रोककर बैक करने लगा। तभी ट्रक के पिछले चक्के से गनेश पुन: कुचल गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। घायलों की चीख पुकार सुनकर परिजनों संग आस- पास के लोग मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में लोग गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज शुरू होते ही चिकित्सक ने साइकिल मिस्त्री गनेश को मृत घोषित कर दिया। गनेश सात भाईयों में दूसरे नंबर का था।
उसकी पत्नी रानी देवी की दो वर्ष पूर्व ही मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल के डाक्टरों की मानें तो घायल विशाल और राकेश ठीक होने के बाद भी अपाहिज की जिंदगी जीने को मजबूर होंगे। दूसरी तरफ हादसे के बाद गनेश के छोटे पुत्र विकास (10), रंजना (8) सहित परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
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गनेश (42) पुत्र बैजनाथ रानी की सराय कस्बे का निवासी था। आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे स्टेशन मोड़ पर उसका मकान है। परिवार के भरण-पोषण के लिए वह साइकिल मरम्मत की दुकान खोला था। शुक्रवार की रात गनेश अपने बड़े पुत्र विशाल (13) व छोटे भाई राकेश (28) के साथ दरवाजे के बाहर चारपाई डालकर सोया हुआ था। रात करीब दो बजे आजमगढ़ से वाराणसी की तरफ जा रही ट्रक अनियंत्रित होकर तीनों को रौंद दिया। सोते समय पैर पर ट्रक का पहिया चढ़ जाने से तीनों गंभीर रुप से घायल हो गए। इसी बीच भाग रहे ट्रक के सामने विद्युत पोल आ जाने से चालक ट्रक को रोककर बैक करने लगा। तभी ट्रक के पिछले चक्के से गनेश पुन: कुचल गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। घायलों की चीख पुकार सुनकर परिजनों संग आस- पास के लोग मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में लोग गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज शुरू होते ही चिकित्सक ने साइकिल मिस्त्री गनेश को मृत घोषित कर दिया। गनेश सात भाईयों में दूसरे नंबर का था।
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उसकी पत्नी रानी देवी की दो वर्ष पूर्व ही मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल के डाक्टरों की मानें तो घायल विशाल और राकेश ठीक होने के बाद भी अपाहिज की जिंदगी जीने को मजबूर होंगे। दूसरी तरफ हादसे के बाद गनेश के छोटे पुत्र विकास (10), रंजना (8) सहित परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
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