{"_id":"56-135862","slug":"Azamgarh-135862-56","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी पाने के लिए पत्नी ने कराया था हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरी पाने के लिए पत्नी ने कराया था हमला
Azamgarh
Updated Wed, 23 Jul 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। चकगोरया गांव के पास जिला पंचायत कर्मचारी पर हुआ हमला उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी की मदद से कराया था। इस मामले में पुलिस ने घायल की पत्नी आैर उसके आशिक के साथ एक और व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। शूटरों की तलाश में छापेमारी जारी है। दोनों शूटर बलिया जिले के निवासी है।
सिधारी थाने में घटना का खुलासा करते हुए एसपी दिनेशचंद दूबे ने पत्रकारों को बताया कि 15 जुलाई 2014 को बदमाशों ने एकरामपुर गांव निवासी व जिला पंचायत में चतुर्थ श्रेणी पद पर तैनात लालजीत पर प्राणघातक हमला किया था। लालजीत घर से कार्यालय जा रहे थे। एसपी के अनुसार लालजीत के भतीजे जितेंद्र ने घटना के बाबत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि घायल अपने भाई और भाभी पर काफी मेहरबान था। यह बात उसकी पत्नी इसरवता को नागवार लगती थी। इसरवता की एकरामपुर निवासी विजय प्रताप उर्फ विजयी यादव से प्रगाढ़ता थी। भाई भाभी के प्रति पति का रुझान देख इसरवता ने पति की हत्या की साजिश रच डाली। इस काम के लिए उसने अपने आशिक विजय प्रताप यादव की मदद ली। विजय ने ही बलिया जिले के नगरा थाना क्षेत्र के गोठवा गांव निवासी देवव्रत पुत्र जुलिस मसीद तथा सत्येंद्र पुत्र राम गहन, जो नगरा थाना क्षेत्र के खारी गांव का निवासी है, के जरिए घटना को अंजाम दिलाया। एसपी की मानें तो इसरवता और विजय के साथ गिरफ्तार सिधारी थाने के मुंडा गांव निवासी तूफानी पुत्र हृदय शंकर सोनकर घटना के समय बदमाशों को बाइक पर बैठाकर मौके तक ले गए थे। पुलिस फरार दोनों शूटरों की तलाश में जुटी है।
विज्ञापन
सिधारी थाने में घटना का खुलासा करते हुए एसपी दिनेशचंद दूबे ने पत्रकारों को बताया कि 15 जुलाई 2014 को बदमाशों ने एकरामपुर गांव निवासी व जिला पंचायत में चतुर्थ श्रेणी पद पर तैनात लालजीत पर प्राणघातक हमला किया था। लालजीत घर से कार्यालय जा रहे थे। एसपी के अनुसार लालजीत के भतीजे जितेंद्र ने घटना के बाबत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि घायल अपने भाई और भाभी पर काफी मेहरबान था। यह बात उसकी पत्नी इसरवता को नागवार लगती थी। इसरवता की एकरामपुर निवासी विजय प्रताप उर्फ विजयी यादव से प्रगाढ़ता थी। भाई भाभी के प्रति पति का रुझान देख इसरवता ने पति की हत्या की साजिश रच डाली। इस काम के लिए उसने अपने आशिक विजय प्रताप यादव की मदद ली। विजय ने ही बलिया जिले के नगरा थाना क्षेत्र के गोठवा गांव निवासी देवव्रत पुत्र जुलिस मसीद तथा सत्येंद्र पुत्र राम गहन, जो नगरा थाना क्षेत्र के खारी गांव का निवासी है, के जरिए घटना को अंजाम दिलाया। एसपी की मानें तो इसरवता और विजय के साथ गिरफ्तार सिधारी थाने के मुंडा गांव निवासी तूफानी पुत्र हृदय शंकर सोनकर घटना के समय बदमाशों को बाइक पर बैठाकर मौके तक ले गए थे। पुलिस फरार दोनों शूटरों की तलाश में जुटी है।
विज्ञापन