{"_id":"681fa23167d0bf9f150b06c9","slug":"97192-cases-resolved-in-lok-adalat-azamgarh-news-c-258-1-svns1001-131286-2025-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: लोक अदालत में 97,192 मामलों का किया समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: लोक अदालत में 97,192 मामलों का किया समाधान
विज्ञापन
आजमगढ़। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस दौरान 97,192 वादों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। जबकि 8.23 करोड़ रुपये का समझौता हुआ।
लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश पाण्डेय ने दीप जलाकर किया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अहसानुल्लाह खान, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शाही, विशेष न्यायाधीश कमला पति, नोडल अधिकारी संतोष कुमार यादव, बार अध्यक्ष, महामंत्री और बैंक पदाधिकारियों ने भी पुष्पार्चन किया।
जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत आम आदमी के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र है, जो निशुल्क और त्वरित निपटारा प्रदान करता है। इसके फैसले अंतिम होते हैं और इनके खिलाफ अपील नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
सुलह-समझौते पर आधारित फैसलों से पक्षकारों के बीच मतभेद समाप्त होते हैं, इसमें कोई हार-जीत नहीं होती। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अंकित वर्मा ने किया।
विज्ञापन
इस दौरान 97,192 वादों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। जबकि 8.23 करोड़ रुपये का समझौता हुआ।
लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश पाण्डेय ने दीप जलाकर किया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अहसानुल्लाह खान, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शाही, विशेष न्यायाधीश कमला पति, नोडल अधिकारी संतोष कुमार यादव, बार अध्यक्ष, महामंत्री और बैंक पदाधिकारियों ने भी पुष्पार्चन किया।
विज्ञापन
जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत आम आदमी के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र है, जो निशुल्क और त्वरित निपटारा प्रदान करता है। इसके फैसले अंतिम होते हैं और इनके खिलाफ अपील नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
सुलह-समझौते पर आधारित फैसलों से पक्षकारों के बीच मतभेद समाप्त होते हैं, इसमें कोई हार-जीत नहीं होती। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अंकित वर्मा ने किया।