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शैलेंद्र चुने गए निर्विरोध डायरेक्टर
Updated Fri, 11 May 2018 12:08 AM IST
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निजामाबाद। मंडल निजामाबाद के भाजपा अध्यक्ष डा. शैलेंद्र नाथ यादव जिला सहकारी बैंक आजमगढ़ के लिए निर्विरोध डायरेक्टर चुने गए है। डा. यादव जनपद के प्रथम जनसंघ विधायक स्व. राम बचन यादव जो वर्ष1969 में डायरेक्टर चुने गए थे उनके भतीजे हैं। डा. शैलेंद्र नाथ यादव इलाहाबाद विश्वविद्यालय से डीफिल करने के बाद भाजपा में मंडल अध्यक्ष के पद पर कार्य कर रहे हैं। साथ ही साथ अपने गांव अलीपुर में एक बड़ी गौशाला संचालन कर रहे हैं। उनके निर्विरोध डायरेक्टर बनने से क्षेत्र में काफी हर्ष व्याप्त है। परिवार के लोगों में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
पांच वर्ष पुराने मामलों को दूसरी तहसीलों में स्थानांतरित करने की मांग
निजामाबाद। तहसील के उपजिलाधिकारी वागीश कुमार शुक्ला ने बताया है कि पांच वर्ष पुराने वादों के निस्तारण के लिए शासन की ओर से बार-बार निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि उन्हें जल्द से जल्द निस्तारित किया जाए। अगर उसमें किसी प्रकार की कोई बाधा आ रही है उसे अन्य तहसीलों में प्रेषित किया जाए। निजामाबाद में 225 वाद पांच वर्ष से अधिक पुराने हैं। इसका मुख्य कारण तहसील निजामाबाद में प्राय: अधिवक्ता हड़ताल पर रहते हैं जिसके कारण वाद का निस्तारण सही से नहीं हो पा रहा है। कई बार अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों को बुलाकर अनुरोध भी किया गया लेकिन उसके बावजूद भी न्यायालय नहीं चल पा रहा है जिसके कारण पुराने वादों का निर्धारित अवधि के अंदर निस्तारण संभव नहीं हो पा रहा है। माह मार्च में मात्र चार दिन और माह फरवरी में मात्र दो दिन अधिवक्तागण द्वारा न्यायिक कार्य संपादित किया गया है। इसमें भी तहसील मुख्यालय पर माह मार्च में दो दिन और अप्रैल माह में एक दिन कार्य किया गया है। मार्च में दो दिन ओर अप्रैल में एक दिन कार्य जिला मुख्यालय पर आयोजित दिवस पर न्यायिक कार्य संपादित हुआ है। इस प्रकार वादों का निस्तारण शासन की मंशा के अनुरूप नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में जिला अधिकारी को पत्र लिखकर अवगत कराया जा रहा है और यह निवेदन किया जाता है कि निजामाबाद तहसील के पांच वर्ष पुराने सभी वादों को किसी अन्य तहसील में स्थानांतरित कर दिया जाए।
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पांच वर्ष पुराने मामलों को दूसरी तहसीलों में स्थानांतरित करने की मांग
निजामाबाद। तहसील के उपजिलाधिकारी वागीश कुमार शुक्ला ने बताया है कि पांच वर्ष पुराने वादों के निस्तारण के लिए शासन की ओर से बार-बार निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि उन्हें जल्द से जल्द निस्तारित किया जाए। अगर उसमें किसी प्रकार की कोई बाधा आ रही है उसे अन्य तहसीलों में प्रेषित किया जाए। निजामाबाद में 225 वाद पांच वर्ष से अधिक पुराने हैं। इसका मुख्य कारण तहसील निजामाबाद में प्राय: अधिवक्ता हड़ताल पर रहते हैं जिसके कारण वाद का निस्तारण सही से नहीं हो पा रहा है। कई बार अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों को बुलाकर अनुरोध भी किया गया लेकिन उसके बावजूद भी न्यायालय नहीं चल पा रहा है जिसके कारण पुराने वादों का निर्धारित अवधि के अंदर निस्तारण संभव नहीं हो पा रहा है। माह मार्च में मात्र चार दिन और माह फरवरी में मात्र दो दिन अधिवक्तागण द्वारा न्यायिक कार्य संपादित किया गया है। इसमें भी तहसील मुख्यालय पर माह मार्च में दो दिन और अप्रैल माह में एक दिन कार्य किया गया है। मार्च में दो दिन ओर अप्रैल में एक दिन कार्य जिला मुख्यालय पर आयोजित दिवस पर न्यायिक कार्य संपादित हुआ है। इस प्रकार वादों का निस्तारण शासन की मंशा के अनुरूप नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में जिला अधिकारी को पत्र लिखकर अवगत कराया जा रहा है और यह निवेदन किया जाता है कि निजामाबाद तहसील के पांच वर्ष पुराने सभी वादों को किसी अन्य तहसील में स्थानांतरित कर दिया जाए।
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