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बहनों ने भाईयों को राखी बांध कर मांगा सुरक्षा का वचन
Updated Sun, 26 Aug 2018 11:48 PM IST
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आजमगढ़। भाई बहन के प्यार का प्रतीक रक्षा बंधक का त्योहार रविवार को जिले में धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांध कर सुरक्षा का वचन लिया। भाइयों ने भी उन्हें तरह-तरह के उपहार भेंट किए। पूरा दिन भाई-बहनों के नाम रहा और हर्षोल्लास के साथ त्योहार मनाया गया। रक्षा बंधन को लेकर बहनों ने कई दिनों पूर्व से ही तैयारियां शुरू कर दी थी। दुकानों से रक्षा सूत्र खरीद लिए गए थे तो वहीं रविवार की सुबह से ही बहने सजधज कर तैयार होने में जुट गई। भाइयों के तैयार होने के बाद बहनों ने उन्हें रक्षासूत्र बांधा और आजीवन सुरक्षा का वचन लिया। इसके साथ ही बहनों ने भाइयों के लंबी उम्र की कामना भी की। घर-घर में रक्षा बंधन के पर्व पर तरह-तरह के पकवान बने थे, इसके बाद भी बहनों ने भाईयों की कलाईयां राखियों से सजाने के बाद उन्हें मिठाईं खिलाईं। बहनों ने घर में भाई को राखी बांधी और फिर दूर दराज के भाईयों को राखियां बांधने निकल पड़ी। वहीं भाई भी बहनों के यहां पहुंचे और राखियां बंधवाईं। राखियों की दुकानों पर सुबह भी भीड़ दिखी।
बच्चों में दिखा गजब का उत्साह
रक्षा बंधन पर्व को लेकर छोटे बच्चों का उत्साह देखने लायक था। अटखेलियों के बीच छोटे भाई-बहनों ने भी रक्षाबंधन का पर्व परंपरागत ढंग से मनाया। बहनों ने भाईयों की कलाईयों पर कार्टून वाली राखियां बांधी। इसके साथ ही भाई-बहनों ने एक दूसरे को चाकलेट, मिठाईयां आदि खिला कर खुशियां मनायी।
मिठाइयों की दुकानों पर उमड़ी रही भीड़
राखियों की दुकानों के साथ ही मिठाईयों की दुकानों पर भी सुबह से ही भीड़ उमड़ी रही। राखी बांधने के बाद भाईयों का मुंह मीठा कराने के लिए बहनें दुकानों पर पहुंची हुई थी। वहीं भाईयों ने भी बहनों को उपहार स्वरूप देने के लिए मिठाईयां खरीदी। मिठाई कारोबारी भी रक्षाबंधन पर तरह-तरह की मिठाइयां बनाये हुए थे। खोआ, छेना के साथ ही बेसन की मिठाईयों की ज्यादा बिक्री देखने को मिली।
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तैयारियों के बाद भी सवारी का करना पड़ा इंतजार
दूर दराज रह रही बहनें भाईयों के यहां पहुंच कर राखी बांधने के लिए सुबह से ही व्याकुल थी। इसके लिए वे सुबह से ही अपने घरों से बस स्टैंड पर पहुंच गयी थी। रोडवेज प्रशासन ने बहनों को बसों में नि:शुल्क यात्रा का अवसर दिया था। अतिरिक्त बसों के इंतजाम का दावा भी किया गया था, इसके बाद भी घंटों इंतजार के बाद ही रोडवेज पर बसें मिल रही थी। हर रूट पर रविवार को रक्षाबंधन के अवसर पर बसों की कमी देखने को मिली। ऐसा इस लिए भी था कि अनुबंधित बसें न के बराबर संचालित हो रही थी।
ग्रामीणांचल में भी रही रक्षा बंधन पर्व की धूम
आजमगढ़। रक्षाबंधन का त्योहार शहर के साथ ही ग्रामीणांचल में भी धूमधाम के साथ मनाया गया। बहनों ने भाईयों के पास पहुंच कर कलाईयों पर राखियां सजायी। चारों तरफ खुशियां ही खुशियां नजर आ रही थी। फूलपुर संवाददाता के अनुसार सुबह से शाम तक रक्षाबंधन की धूम मची रही। भाईयों की कलाईयों पर बहनों ने अपने प्यार रूपी रक्षा सूत्र को बांधा। कस्बा के रोडवेज, मंगलबाजार, शंकर तिराहा आदि स्थानों पर राखियों की दुकान सजी हुई थी। जिस पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। डाक विभाग ने पोस्ट से आये राखियों का वितरण कराने के लिए क्षेत्र के सभी पोस्टआफिसों को खुला रखने और डाक वितरित कराने का निर्देश दिया था। जिसके चलते क्षेत्र के सभी पोस्टआफिस रविवार को भी खुले रहे और पोस्टमैनों ने घर-घर पहुंच कर राखियां वितरित किया। निजामाबाद संवाददाता के अनुसार भाई बहनों के प्यार के प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन की पूरे तहसील क्षेत्र में धूम रही। बहनों ने भाईयों की कलाईयों पर रक्षा सूत्र बांधा और आजीवन रक्षा का वचन लिया। भाई-बहन के इस त्योहार पर जगह-जगह बरसात भी हुई। इसके बाद भी भाई-बहनों का उत्साह कहीं से कम नहीं हुआ।
महिला मंडल ने वृद्घजनों को बांधी राखी
आजमगढ़। महिला मंडल की टीम पूनम सिंह के नेतृत्व में अराजीबाग स्थित वृद्घजन आवास पर पहुंच कर वृद्घजनों को राखियां बांधी और उनके साथ रक्षा बंधन का पर्व मनाया। वृद्घजन आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल ने वहां रह रहे लोगों के लिए नाश्ते आदि का भी इंतजाम किया था। अपनों द्वारा छोड़े गए वृद्घजन गैरों से मिले इस प्यार से काफी खुश नजर आये। इस अवसर पर उमेश सिंह, अर्चना बरनवाला, निधि, आयशा खान, अरविंद चित्रांश, नंद कुमार, रिशु सिंह, गगन, निधि, अभय सिंह आदि मौजूद रहे।
खुले रहे डाकघर, भाइयों तक पहुुंची बहनों की राखियां
फूलपुर। एक तरफ जहां लोग रक्षा बंधन का पर्व मनाने में मशगूल थे वहीं डाक विभाग इस दिन भी बहनों द्वारा भेजी गई राखियों को उनके भाइयों तक पहुंचाने में मशगूल रहा। डाकघर खुले रहे और बहनों की राखियां उनके भाइयों तक पहुंचती रहीं। सुबह से लेकर शाम तक बहनों द्वारा अपने भाई के कलाई पर राखी बांधने का सिलसिला जारी रहा। मिष्ठान की दुकान पर लोगों की काफी भीड़ लगी हुई थी। फूलपुर रोडवेज, मंगलबाजार, शंकर तिराहा पर राखी बेचने के लिए स्टाल लगाए गए थे। डाकघरों के माध्यम से बहनों द्वारा अपने भाई के पास भेजी गई राखी को वितरण करने के लिए डाक विभाग ने जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित डाकघरों को खोलने के सख्त निर्देश जारी किए गए थे। इस दौरान रविवार को भी फूलपुर, जगदीशपुर, मेजवां, मुंडवर, मुंडियार, दुर्वासा, धर्मदासपुर, बनवीरपुर, लोनियाडीह, अंबारी, सरायमीर आदि डाकघर राखी वितरण के लिए खोले गए थे। पोस्टमैन घर घर जाकर राखी का वितरण कर रहे थे। रोडवेज बसों में भी बहनों की काफी भीड़ देखी गई। हर तरफ राखी के गीत वातावरण को खुशनुमा बनाए हुए थे।
25 सालों से हलीमा अपने हिंदू भाई को बांध रही है राखी
आजमगढ़। भाई और बहन का रिश्ता किसी जाति धर्म का मोहताज नहीं होता है। यह एक ऐसा बंधन है जो जातिधर्म से ऊपर उठकर है, जो आजीवन अपने बहन की रक्षा करने के वादे को निभाता है, जिसमें धर्म जाति आड़े नहीं आता है। डीएवी स्थित काशी राम आवास में निवास करने वाली हलीमा खातून को रक्षाबंधन का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार रहता है। राखी के दिन वह प्रति वर्ष रिति-रिवाज से मुहल्ला कटरा निवासी हरिगोविंद श्रीवास्तव को 25 साल से राखी बांध रही है और भाई हरिगोविंद की लंबी आयु की कामना करती है। हलीमा ने गंगा-जमुनी तहजीब को कायम रखने की मिशाल पेश किया है। ब्यूरो
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बच्चों में दिखा गजब का उत्साह
रक्षा बंधन पर्व को लेकर छोटे बच्चों का उत्साह देखने लायक था। अटखेलियों के बीच छोटे भाई-बहनों ने भी रक्षाबंधन का पर्व परंपरागत ढंग से मनाया। बहनों ने भाईयों की कलाईयों पर कार्टून वाली राखियां बांधी। इसके साथ ही भाई-बहनों ने एक दूसरे को चाकलेट, मिठाईयां आदि खिला कर खुशियां मनायी।
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मिठाइयों की दुकानों पर उमड़ी रही भीड़
राखियों की दुकानों के साथ ही मिठाईयों की दुकानों पर भी सुबह से ही भीड़ उमड़ी रही। राखी बांधने के बाद भाईयों का मुंह मीठा कराने के लिए बहनें दुकानों पर पहुंची हुई थी। वहीं भाईयों ने भी बहनों को उपहार स्वरूप देने के लिए मिठाईयां खरीदी। मिठाई कारोबारी भी रक्षाबंधन पर तरह-तरह की मिठाइयां बनाये हुए थे। खोआ, छेना के साथ ही बेसन की मिठाईयों की ज्यादा बिक्री देखने को मिली।
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तैयारियों के बाद भी सवारी का करना पड़ा इंतजार
दूर दराज रह रही बहनें भाईयों के यहां पहुंच कर राखी बांधने के लिए सुबह से ही व्याकुल थी। इसके लिए वे सुबह से ही अपने घरों से बस स्टैंड पर पहुंच गयी थी। रोडवेज प्रशासन ने बहनों को बसों में नि:शुल्क यात्रा का अवसर दिया था। अतिरिक्त बसों के इंतजाम का दावा भी किया गया था, इसके बाद भी घंटों इंतजार के बाद ही रोडवेज पर बसें मिल रही थी। हर रूट पर रविवार को रक्षाबंधन के अवसर पर बसों की कमी देखने को मिली। ऐसा इस लिए भी था कि अनुबंधित बसें न के बराबर संचालित हो रही थी।
ग्रामीणांचल में भी रही रक्षा बंधन पर्व की धूम
आजमगढ़। रक्षाबंधन का त्योहार शहर के साथ ही ग्रामीणांचल में भी धूमधाम के साथ मनाया गया। बहनों ने भाईयों के पास पहुंच कर कलाईयों पर राखियां सजायी। चारों तरफ खुशियां ही खुशियां नजर आ रही थी। फूलपुर संवाददाता के अनुसार सुबह से शाम तक रक्षाबंधन की धूम मची रही। भाईयों की कलाईयों पर बहनों ने अपने प्यार रूपी रक्षा सूत्र को बांधा। कस्बा के रोडवेज, मंगलबाजार, शंकर तिराहा आदि स्थानों पर राखियों की दुकान सजी हुई थी। जिस पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। डाक विभाग ने पोस्ट से आये राखियों का वितरण कराने के लिए क्षेत्र के सभी पोस्टआफिसों को खुला रखने और डाक वितरित कराने का निर्देश दिया था। जिसके चलते क्षेत्र के सभी पोस्टआफिस रविवार को भी खुले रहे और पोस्टमैनों ने घर-घर पहुंच कर राखियां वितरित किया। निजामाबाद संवाददाता के अनुसार भाई बहनों के प्यार के प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन की पूरे तहसील क्षेत्र में धूम रही। बहनों ने भाईयों की कलाईयों पर रक्षा सूत्र बांधा और आजीवन रक्षा का वचन लिया। भाई-बहन के इस त्योहार पर जगह-जगह बरसात भी हुई। इसके बाद भी भाई-बहनों का उत्साह कहीं से कम नहीं हुआ।
महिला मंडल ने वृद्घजनों को बांधी राखी
आजमगढ़। महिला मंडल की टीम पूनम सिंह के नेतृत्व में अराजीबाग स्थित वृद्घजन आवास पर पहुंच कर वृद्घजनों को राखियां बांधी और उनके साथ रक्षा बंधन का पर्व मनाया। वृद्घजन आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल ने वहां रह रहे लोगों के लिए नाश्ते आदि का भी इंतजाम किया था। अपनों द्वारा छोड़े गए वृद्घजन गैरों से मिले इस प्यार से काफी खुश नजर आये। इस अवसर पर उमेश सिंह, अर्चना बरनवाला, निधि, आयशा खान, अरविंद चित्रांश, नंद कुमार, रिशु सिंह, गगन, निधि, अभय सिंह आदि मौजूद रहे।
खुले रहे डाकघर, भाइयों तक पहुुंची बहनों की राखियां
फूलपुर। एक तरफ जहां लोग रक्षा बंधन का पर्व मनाने में मशगूल थे वहीं डाक विभाग इस दिन भी बहनों द्वारा भेजी गई राखियों को उनके भाइयों तक पहुंचाने में मशगूल रहा। डाकघर खुले रहे और बहनों की राखियां उनके भाइयों तक पहुंचती रहीं। सुबह से लेकर शाम तक बहनों द्वारा अपने भाई के कलाई पर राखी बांधने का सिलसिला जारी रहा। मिष्ठान की दुकान पर लोगों की काफी भीड़ लगी हुई थी। फूलपुर रोडवेज, मंगलबाजार, शंकर तिराहा पर राखी बेचने के लिए स्टाल लगाए गए थे। डाकघरों के माध्यम से बहनों द्वारा अपने भाई के पास भेजी गई राखी को वितरण करने के लिए डाक विभाग ने जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित डाकघरों को खोलने के सख्त निर्देश जारी किए गए थे। इस दौरान रविवार को भी फूलपुर, जगदीशपुर, मेजवां, मुंडवर, मुंडियार, दुर्वासा, धर्मदासपुर, बनवीरपुर, लोनियाडीह, अंबारी, सरायमीर आदि डाकघर राखी वितरण के लिए खोले गए थे। पोस्टमैन घर घर जाकर राखी का वितरण कर रहे थे। रोडवेज बसों में भी बहनों की काफी भीड़ देखी गई। हर तरफ राखी के गीत वातावरण को खुशनुमा बनाए हुए थे।
25 सालों से हलीमा अपने हिंदू भाई को बांध रही है राखी
आजमगढ़। भाई और बहन का रिश्ता किसी जाति धर्म का मोहताज नहीं होता है। यह एक ऐसा बंधन है जो जातिधर्म से ऊपर उठकर है, जो आजीवन अपने बहन की रक्षा करने के वादे को निभाता है, जिसमें धर्म जाति आड़े नहीं आता है। डीएवी स्थित काशी राम आवास में निवास करने वाली हलीमा खातून को रक्षाबंधन का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार रहता है। राखी के दिन वह प्रति वर्ष रिति-रिवाज से मुहल्ला कटरा निवासी हरिगोविंद श्रीवास्तव को 25 साल से राखी बांध रही है और भाई हरिगोविंद की लंबी आयु की कामना करती है। हलीमा ने गंगा-जमुनी तहजीब को कायम रखने की मिशाल पेश किया है। ब्यूरो