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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   71 Gram Panchayats are dependent on only 13 secretaries, there is difficulty in getting certificates made

Azamgarh News: 71 ग्राम पंचायतें सिर्फ 13 सचिवों के भरोसे, प्रमाणपत्र बनने में हो रही मुश्किल

Sun, 15 Jun 2025 12:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Jun 2025 12:18 AM IST
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71 Gram Panchayats are dependent on only 13 secretaries, there is difficulty in getting certificates made
जहानागंज। विकासखंड की 71 ग्राम पंचायतें मात्र 13 पंचायत सचिवों के भरोसे संचालित हो रही हैं, इससे पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की रफ्तार ठप पड़ गई है।
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स्थिति यह है कि अधिकांश सचिव समय से पंचायत भवनों पर नहीं पहुंचते और ब्लॉक मुख्यालय में ही डटे रहते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को जरूरी प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों के लिए कई किलोमीटर दूर ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। गांवों में सचिवों की अनुपस्थिति के चलते ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, जाति और निवास प्रमाणपत्र जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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तेज धूप और उमस भरी गर्मी में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को ब्लॉक परिसर तक आना पड़ता है, लेकिन फिर भी उन्हें समय पर सचिव नहीं मिलते।
पुराना रोस्टर, नई जानकारी नहीं ब्लॉक मुख्यालय की दीवारों पर सचिवों की जो सूची और रोस्टर अंकित है, वह 2022 का है। नए सचिव रोस्टर की कहीं भी सूचना उपलब्ध नहीं है। इससे ग्रामीणों को यह तक पता नहीं चल पाता कि किस पंचायत में कौन सचिव किस दिन मौजूद रहेगा।
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सचिवों की पंचायत भवन पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कोई सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। मिनी सचिव के सहारे चल रहा काम ग्रामीणों का कहना है कि अधिकतर सचिव पंचायतों में मिनी सचिव तैनात कर देते हैं, जो उनसे किसी तरह खर्चा लेकर प्रमाणपत्रों की नकल थमा देते हैं। सरकारी व्यवस्था का यह हाल देख ग्रामीणों में आक्रोश है। सचिवों द्वारा मनमानी तरीके से काम करने की वजह से पंचायत स्तरीय योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) विकास शुक्ला का कहना है कि कई सचिव गांवों में जाते हैं, लेकिन कुछ लोग निर्देशों के बावजूद नहीं जाते। दीवार पर पुरानी सूची को हटाकर नया रोस्टर लगाने के लिए एडीओ पंचायत को निर्देशित किया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि जिले स्तर से सचिवों की व्यवस्था में कुछ बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं, जिससे जल्द सुधार की उम्मीद है।
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