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बाढ़ की भेंट चढ़ी महुला गांव की 700 बीघा फसल
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के महुला ग्राम सभा की लगभग 700 बीघा फसल घाघरा के बाढ़ की भेंट चढ़ गई है। अभी तक ग्राम सभा के कई पुरवे बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। गांव में लगा हैंडपंप भी पानी में डूबा है लेकिन मजबूरी में लोग उसके दूषित पानी को पीने को मजबूर हैं।
अजमतगढ़ विकास खंड के महुला गांव की कुल आबादी लगभग 6500 की है। 12 सौ परिवार हैं और यह गांव 12 छोटी-छोटी बस्ती मेघपुर मोहल्ला, मुसहर बस्ती, दलित बस्ती, कुर्मी बस्ती, यादव बस्ती, पिपरौटी, सुरौली, छितौनी, बड़ी छितौनी, राय बस्ती, डिघिया, बगइचा दलित बस्ती, नई बस्ती आदि में बंटा है। जोकहरा बांध तीन अगस्त को टूट गया था। जिससे सहसपूरा, टेकनपुर, कांखभार और महुला सहित 23 गांव प्रभावित हुए हैं। महुला गांव की हालत यह है कि आजमगढ़ गोरखपुर मार्ग छोड़कर सभी घर प्रभावित हो गए हैं। लोगों की फसल पानी में डूब गई है। सोमवार की दोपहर पिपरौटी बस्ती की निर्मला, लीलावती, सुमन आदि ने बताया कि 15 घर पटेल बस्ती का है। हम लोग आज 15 दिन से डूबे हैं। पानी में नलकूप डूब गया है। मजबूरी में किसी तरह प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पिपरौटी बस्ती के ही पिंकी पटेल के घर में पानी घुसा है। छत पर लोग रह रहे हैं। हालत बद से बदतर है। पारस और गोरख के घर में पूर्ण रूप से पानी घुसा हुआ है। छत पर लोग भोजन बना रहे हैं और छत पर ही सो रहे हैं। छत पर ही इनकी दिनचर्या है और घर में पूर्ण रूप से पानी भरा है। लोगों ने कहा कि मिट्टी का तेल नहीं मिला और बाढ़ राहत पैकेट भी नहीं मिला है। रामशरण का पूरा परिवार छत पर शरण लिया है । वहीं उनका ठिकाना है। महुला में बाढ़ राहत पैकेट 50 मुसहर बस्ती और नोनिया बस्ती में बांटी गई है। रविवार को तहसील प्रशासन द्वारा 300 पैकेट जूनियर हाई स्कूल महुला पर बांटने के लिए गया था जो ग्रामीणों के विरोध के चलते वापस हो गया।
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अजमतगढ़ विकास खंड के महुला गांव की कुल आबादी लगभग 6500 की है। 12 सौ परिवार हैं और यह गांव 12 छोटी-छोटी बस्ती मेघपुर मोहल्ला, मुसहर बस्ती, दलित बस्ती, कुर्मी बस्ती, यादव बस्ती, पिपरौटी, सुरौली, छितौनी, बड़ी छितौनी, राय बस्ती, डिघिया, बगइचा दलित बस्ती, नई बस्ती आदि में बंटा है। जोकहरा बांध तीन अगस्त को टूट गया था। जिससे सहसपूरा, टेकनपुर, कांखभार और महुला सहित 23 गांव प्रभावित हुए हैं। महुला गांव की हालत यह है कि आजमगढ़ गोरखपुर मार्ग छोड़कर सभी घर प्रभावित हो गए हैं। लोगों की फसल पानी में डूब गई है। सोमवार की दोपहर पिपरौटी बस्ती की निर्मला, लीलावती, सुमन आदि ने बताया कि 15 घर पटेल बस्ती का है। हम लोग आज 15 दिन से डूबे हैं। पानी में नलकूप डूब गया है। मजबूरी में किसी तरह प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पिपरौटी बस्ती के ही पिंकी पटेल के घर में पानी घुसा है। छत पर लोग रह रहे हैं। हालत बद से बदतर है। पारस और गोरख के घर में पूर्ण रूप से पानी घुसा हुआ है। छत पर लोग भोजन बना रहे हैं और छत पर ही सो रहे हैं। छत पर ही इनकी दिनचर्या है और घर में पूर्ण रूप से पानी भरा है। लोगों ने कहा कि मिट्टी का तेल नहीं मिला और बाढ़ राहत पैकेट भी नहीं मिला है। रामशरण का पूरा परिवार छत पर शरण लिया है । वहीं उनका ठिकाना है। महुला में बाढ़ राहत पैकेट 50 मुसहर बस्ती और नोनिया बस्ती में बांटी गई है। रविवार को तहसील प्रशासन द्वारा 300 पैकेट जूनियर हाई स्कूल महुला पर बांटने के लिए गया था जो ग्रामीणों के विरोध के चलते वापस हो गया।
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