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42 दिन बाद सराफा मंडी में रौनक
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Wed, 13 Apr 2016 11:59 PM IST
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सराफा मंडी
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जनपद में एक्साइज ड्यूटी के विरोध में 42 दिन तक पूरे जनपद की सराफ की दूकानें बंद रहीं। इस दौरान लगभग 15 करोड़ रुपये का सराफ कारोबार प्रभावित हुआ। व्यापारियों की इस बंदी से शादी ब्याह के मौसम में आम जनमानस को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सराफा बंदी खत्म होने पर लोगों ने राहत की सांस ली क्योंकि जल्द ही फिर शादियों का मौसम शुरू होने वाला है।
आजमगढ़ सराफ मंडल समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल ने कहा कि 42 दिन तक लगातार सराफा की दूकानें बंद होने भारी नुकसान का बोझ सरकार और हम कारोबारियों को उठाना पड़ा। बुधवार को केंद्रीय नेतृत्व द्वारा 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को सौंपा गया। अमित शाह द्वारा सराफा कारोबारियों की कुछ मांगों को मान लेने के बाद बुधवार से 24 अप्रैल तक के लिए आंदोलन को स्थगित कर दिया गया।
केंद्रीय सराफ कमेटी ने सरकार को 12 दिन का समय देते हुए कहा कि हमारे ऊपर एक्साइज ड्यूटी न लगाएं क्योंकि हम कारीगर हाथ द्वारा जेवर का निर्माण करते हैं। हम कारीगरों पर अनावश्यक बोझ न डालें। यदि हमारी मांगों को 24 अप्रैल तक नहीं माना गया तो हम लोग 25 अप्रैल से दोबारा पूरा कारोबार बंद कर सरकार का पुरजोर विरोध करेंगे। इस मौके पर पद्माकर लाल वर्मा, मनोज बर्नवाल, ध्रुव सेठ, दिलीप अंगुरिया, श्याम दास अग्रवाल, छेदी सेठ, माया शंकर सेठ आदि उपस्थित थे।
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आजमगढ़ सराफ मंडल समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल ने कहा कि 42 दिन तक लगातार सराफा की दूकानें बंद होने भारी नुकसान का बोझ सरकार और हम कारोबारियों को उठाना पड़ा। बुधवार को केंद्रीय नेतृत्व द्वारा 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को सौंपा गया। अमित शाह द्वारा सराफा कारोबारियों की कुछ मांगों को मान लेने के बाद बुधवार से 24 अप्रैल तक के लिए आंदोलन को स्थगित कर दिया गया।
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केंद्रीय सराफ कमेटी ने सरकार को 12 दिन का समय देते हुए कहा कि हमारे ऊपर एक्साइज ड्यूटी न लगाएं क्योंकि हम कारीगर हाथ द्वारा जेवर का निर्माण करते हैं। हम कारीगरों पर अनावश्यक बोझ न डालें। यदि हमारी मांगों को 24 अप्रैल तक नहीं माना गया तो हम लोग 25 अप्रैल से दोबारा पूरा कारोबार बंद कर सरकार का पुरजोर विरोध करेंगे। इस मौके पर पद्माकर लाल वर्मा, मनोज बर्नवाल, ध्रुव सेठ, दिलीप अंगुरिया, श्याम दास अग्रवाल, छेदी सेठ, माया शंकर सेठ आदि उपस्थित थे।
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