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कोई धर्म नहीं कहता कि रखें आपस में बैर
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:39 PM IST
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बिंद्राबाजार। मौलाना अब्दुल जव्वाद इस्लाही ने कहा कि हम सभी जब एक परमात्मा की संतान है, तो दुनिया में जितनें भी लोग है सभी भाई हैं। चाहे वह किसी भी धर्म या मजहब के हो। हमें एक दूसरे के सुख-दुख में शरीक होकर इंसानियत का रोल अदा करना चाहिए।
उन्होंने उक्त बातें रविवार को मुहम्मदपुर स्थित अमजद अली इंटर कॉलेज में रविवार को जमाते ए इस्लामी हिंद मुहम्मदपुर की ओर आयोजित ईद मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मोतिउल्लाह फलाही ने कहा कि जमाते ए इस्लामिक हिंद ये कहता है कि आप के अंदर ऐसी भवना होनी चहिए कि लोगों को नेकी की ओर बुलाए और सुकर्म की प्रेरणा दें और कुकर्म करने से रोके, ऐसे ही लोग सफल होते है। राधेश्याम मिश्रा ने कहा कोई भी धर्म नही कहता है कि आपस में बैर रखें। अंसार मास्टर ने कहा कि ईद मिलन समारोह आपस में चाहे व किसी भी धर्म या संप्रदाय का आपसी भाईचारे का संदेश देता है। इस मौके पर राष्ट्रीय ओलेमा कौंसिल के जिलाध्यक्ष हाजी शकील अहमद, मास्टर अंसार, जमाल अमजद, मो. अजफर, मो. अब्दुल राजिक, हारून दाउदी, खलुकुज्ज्मा एडवोकेट, डा. उमाकांत तिवारी, मास्टर इम्तेयाज अहमद, इश्तेयाक, राधेश्याम मिश्रा, मनीष मौर्या, जंगबहादुर, असलम जमाली, अशोक विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने उक्त बातें रविवार को मुहम्मदपुर स्थित अमजद अली इंटर कॉलेज में रविवार को जमाते ए इस्लामी हिंद मुहम्मदपुर की ओर आयोजित ईद मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मोतिउल्लाह फलाही ने कहा कि जमाते ए इस्लामिक हिंद ये कहता है कि आप के अंदर ऐसी भवना होनी चहिए कि लोगों को नेकी की ओर बुलाए और सुकर्म की प्रेरणा दें और कुकर्म करने से रोके, ऐसे ही लोग सफल होते है। राधेश्याम मिश्रा ने कहा कोई भी धर्म नही कहता है कि आपस में बैर रखें। अंसार मास्टर ने कहा कि ईद मिलन समारोह आपस में चाहे व किसी भी धर्म या संप्रदाय का आपसी भाईचारे का संदेश देता है। इस मौके पर राष्ट्रीय ओलेमा कौंसिल के जिलाध्यक्ष हाजी शकील अहमद, मास्टर अंसार, जमाल अमजद, मो. अजफर, मो. अब्दुल राजिक, हारून दाउदी, खलुकुज्ज्मा एडवोकेट, डा. उमाकांत तिवारी, मास्टर इम्तेयाज अहमद, इश्तेयाक, राधेश्याम मिश्रा, मनीष मौर्या, जंगबहादुर, असलम जमाली, अशोक विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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