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Azamgarh News: बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे अशरफिया मिस्बाहुल उलूम के 406 छात्र

Wed, 21 Jan 2026 01:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 01:00 AM IST
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406 students of Ashrafia Misbahul Uloom will appear in the board examination.
आजमगढ़। मुबारकपुर कस्बा के जिस मदरसे की नौ जनवरी को मान्यता निलंबित कर दी गई थी, उसके 406 छात्र यूपी मदरसा बोर्ड की परीक्षा में शामिल होंगे। अल्पसंख्यक विभाग से मांगे गए मार्गदर्शन में मदरसा बोर्ड ने अपनी सहमति दे दी है। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि यह मदरसा परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
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दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम कस्बे का सबसे पुराना मदरसा है। इसको मदरसा बोर्ड से 28 सितंबर 1948 को उच्च आलिया स्तर की स्थाई मान्यता मिली थी। इस समय में मदरसे में 2678 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इसमें तहतानिया यानी कक्षा एक से आठ तक 1821 और आलिया यानी कक्षा नौ से 12 तक 857 छात्र हैं। इस साल मदरसा बोर्ड की परीक्षा के लिए 406 छात्र पंजीकृत हैं।
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मदरसे के आलिया सेक्शन में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात रहे और संत कबीर नगर निवासी मौलाना शमसुल हुदा खान की एटीएस द्वारा दोहरी नागरिकता (ब्रिटेन) मामले की जांच पूरी होने पर मदरसा बोर्ड की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने नौ जनवरी को इसकी मान्यता निलंबित कर दी थी। साथ ही 80 शिक्षकों-कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। मान्यता निलंबित होने के बाद मदरसे के छात्रों के भविष्य को देखते हुए अल्पसंख्यक विभाग ने मदरसा बोर्ड को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा था। बोर्ड ने अल्पसंख्यक विभाग को पत्र भेजकर दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम के 406 छात्रों को बोर्ड की परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी है। यह निर्देश भी दिया है कि जिन मदरसों की मान्यता निलंबित की गई है, उन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
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ब्रिटिश मौलाना को वेतन देने के मामले में मुबारकपुर के जिस मदरसे की मान्यता निलंबित हुई है, उस मदरसे के 406 छात्र मदरसा बोर्ड की परीक्षा के लिए पंजीकृत है। छात्रों के भविष्य को देखते हुए मदरसा बोर्ड से मार्गदर्शन मांगा गया था। बोर्ड ने छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी है। साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि उक्त मदरसे को परीक्षा केंद्र न बनाया जाय।
-- वर्षा अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
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