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Azamgarh News: एक बाइक पर 3 सवारी, न नियम की चिंता, न जान प्यारी
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चौक पर बिना हेलमेट के तीन सवारी ले जाता युवक।
आजमगढ़। जिले में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है, लेकिन बाइक चालकों की लापरवाही कम नहीं हो रही है। शहर और कस्बों में बड़ी संख्या में लोग महिलाओं और बच्चों को बैठाकर बिना हेलमेट बाइक दौड़ाते नजर आ रहे हैं।
कई मामलों में एक ही बाइक पर तीन से चार सवारी तक बैठाकर चलना आम हो गया है। यातायात नियमों के पालन के लिए चलाए जा रहे अभियानों का असर नाम मात्र ही दिख रहा है।
अधिकांश लोग केवल चालान से बचने के लिए ही हेलमेट पहनते हैं। पुलिस व परिवहन विभाग के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। तीन सवारी बैठाने पर जनवरी में 1380, फरवरी में 1280 और मार्च में 1098 चालान किए गए। इस तरह तीन महीनों में कुल 3758 चालान हुए, इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
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वहीं बिना हेलमेट चलने वालों की स्थिति और भी चिंताजनक है। जनवरी में 18,221, फरवरी में 15,442 और मार्च में 12,066 चालान किए गए। कुल मिलाकर तीन महीनों में 45,729 चालान हुए, फिर भी लोग सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं।
स्थिति यह है कि न तो चालक खुद हेलमेट पहनते हैं और न ही पीछे बैठी सवारी की सुरक्षा का ध्यान रखते हैं।
महिलाओं और बच्चों को भी बिना सुरक्षा के बाइक पर बैठाकर सड़क पर निकलना आम हो गया है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
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कई मामलों में एक ही बाइक पर तीन से चार सवारी तक बैठाकर चलना आम हो गया है। यातायात नियमों के पालन के लिए चलाए जा रहे अभियानों का असर नाम मात्र ही दिख रहा है।
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अधिकांश लोग केवल चालान से बचने के लिए ही हेलमेट पहनते हैं। पुलिस व परिवहन विभाग के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। तीन सवारी बैठाने पर जनवरी में 1380, फरवरी में 1280 और मार्च में 1098 चालान किए गए। इस तरह तीन महीनों में कुल 3758 चालान हुए, इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
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वहीं बिना हेलमेट चलने वालों की स्थिति और भी चिंताजनक है। जनवरी में 18,221, फरवरी में 15,442 और मार्च में 12,066 चालान किए गए। कुल मिलाकर तीन महीनों में 45,729 चालान हुए, फिर भी लोग सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं।
स्थिति यह है कि न तो चालक खुद हेलमेट पहनते हैं और न ही पीछे बैठी सवारी की सुरक्षा का ध्यान रखते हैं।
महिलाओं और बच्चों को भी बिना सुरक्षा के बाइक पर बैठाकर सड़क पर निकलना आम हो गया है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है।

चौक पर बिना हेलमेट के तीन सवारी ले जाता युवक।