{"_id":"678d44871dd7e4cb3009bf51","slug":"283-kanshiram-houses-have-turned-into-ruins-there-is-no-electricity-or-water-azamgarh-news-c-258-1-svns1001-126444-2025-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: खंडहर में तब्दील 283 कांशीराम आवास में बिजली-पानी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: खंडहर में तब्दील 283 कांशीराम आवास में बिजली-पानी नहीं
विज्ञापन
आजमगढ़। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) शासन काल में डीएवी काॅलेज के पास, गजहड़ा, मेंहनगर, जाफरपुर और चकगोरया में कांशीराम कॉलोनी बनाई गई थी। साथ ही गरीबों को आवास का आवंटन किया गया। इन कॉलोनियों में 1692 आवासों का निर्माण कराया गया।
इनमें से गजहड़ा में बिजली और पानी के अभाव में 283 कांशीराम आवास खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। कांशीराम कॉलोनियों में अवैध रूप से रहने वाले लोगों की शिकायत होती रहती है।
ऐसी ही शिकायत पर शुरू हुई जांच में डीएवी, जाफरपुर, चकगोरया में रहने वाले लोगों की जांच शुरू की गई तो काफी संख्या में लोग अवैध रूप से भी रहते मिले।
शिकायत पर हाल ही में जांच हुई तो जाफरपुर में 165 लोग, चकगोरया के 204 आवासों की जांच में 99 लोगों अवैध रूप से रहते मिले हैं। वहीं डीएवी में कुल 696 आवासों में 108 आवासों की जांच अभी तक की गई है।
विज्ञापन
इस जांच में 12 लोग अवैध रूप से रहते हुए मिले हैं। दो कालोनियों में अवैध रूप से रहने वाले लोगों के चिह्नित करने के बाद भी अब तक इन्हें आवासों से बाहर निकालने की कोई कार्रवाई जिम्मेदारों द्वारा नहीं की गई है।
वहीं मुबारकपुर के गजहड़ा में कुल 460 कांशीराम आवासों का निर्माण किया गया है। इन आवासों में 283 आवास ऐसे हैं जिनमें कोई रहने वाला नहीं है।
यह आवास अभी तक खाली पड़े खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। विभाग की मानें तो अभी तक यहां बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं है जिसके कारण यहां आवासों का आवंटन नहीं हो पाया।
विज्ञापन
इनमें से गजहड़ा में बिजली और पानी के अभाव में 283 कांशीराम आवास खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। कांशीराम कॉलोनियों में अवैध रूप से रहने वाले लोगों की शिकायत होती रहती है।
विज्ञापन
ऐसी ही शिकायत पर शुरू हुई जांच में डीएवी, जाफरपुर, चकगोरया में रहने वाले लोगों की जांच शुरू की गई तो काफी संख्या में लोग अवैध रूप से भी रहते मिले।
शिकायत पर हाल ही में जांच हुई तो जाफरपुर में 165 लोग, चकगोरया के 204 आवासों की जांच में 99 लोगों अवैध रूप से रहते मिले हैं। वहीं डीएवी में कुल 696 आवासों में 108 आवासों की जांच अभी तक की गई है।
विज्ञापन
इस जांच में 12 लोग अवैध रूप से रहते हुए मिले हैं। दो कालोनियों में अवैध रूप से रहने वाले लोगों के चिह्नित करने के बाद भी अब तक इन्हें आवासों से बाहर निकालने की कोई कार्रवाई जिम्मेदारों द्वारा नहीं की गई है।
वहीं मुबारकपुर के गजहड़ा में कुल 460 कांशीराम आवासों का निर्माण किया गया है। इन आवासों में 283 आवास ऐसे हैं जिनमें कोई रहने वाला नहीं है।
यह आवास अभी तक खाली पड़े खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। विभाग की मानें तो अभी तक यहां बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं है जिसके कारण यहां आवासों का आवंटन नहीं हो पाया।