आजमगढ़। अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा के तत्वावधान में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड में पूर्व राष्ट्रपति स्व. ज्ञानी जैल सिंह के परिनिर्वाण दिवस मनाए जाने के साथ ही विश्वकर्मा शिल्पकार वंशीय महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह और भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर 551 गरीबों में कंबल वितरण किया गया। मुख्य अतिथि इंजीनियर रामनयन शर्मा ने स्वजातीय बंधुओं का आह्वान करते हुए पूर्व राष्ट्रपति के जीवन संघर्ष से प्रेरणा लेने को कहा। विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता शत्रुघभन चौहान ने कहा कि विश्वकर्मा वंशजों ने देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दीवानी अभिभाषक संघ के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष बेलाल बेग ने कहा कि कहा कि समय-समय से ऐसे आयोजन किए जाने से सामाजिक चेतना को बल मिलता है। अधिवक्ता जयजय राम प्रजापति ने आपसी एकता और शैक्षिक विकास पर बल दिया। लोजपा पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शिवमोहन शिल्पकार ने कहा कि मेरा प्रयास इस समाज के लोगों को राजनैतिक, शैक्षिक और सरकारी सेवाओं में भागीदारी दिलाने का रहेगा। मैं आजीवन इनके उत्थान के लिए संघर्ष करता रहूंगा। उन्होंने अपनी आठ बिसवा जमीन में विश्वकर्मा धर्मशाला का निर्माण कराए जाने की घोषणा की। इस अवसर पर राजेश विश्वकर्मा राज, नेबू लाल विश्वकर्मा, वैभव वर्मा, अशोक सिंह, पद्माकर लाल वर्मा, संगीता चौहान, संतोष ठठेरा, चंद्रशेखर प्रजापति सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।