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वन्य जीवों से मानव का है गहरा संबंध
Updated Mon, 25 Dec 2017 12:30 AM IST
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आजमगढ़। वन्य जीव संरक्षण को लेकर रविवार को डीएवी पीजी कालेज में रविवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें विलुप्त हो रहे वन्य जीव के संरक्षण के मुद्दे पर चर्चा की गई। सेमिनार का आयोजन डीएवी पीजी कालेज के प्राणि विज्ञान विभाग ने किया।
मुख्य अतिथि डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आदि काल से ही वन्य जीवों का मानव से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि वन्य जीवों व जंगलों का खत्म होना मानव जीवन के लिए काफी दुखद है। विलुप्त हो रहे वन्य जीवों का ठीक ढंग से संरक्षण न हो पाने का जिम्मेदार उन्होंने मनुष्य जाति को ही ठहराया और इनके संरक्षण के लिए मानव जाति का आह्वान किया। सेमिनार के दौरान डॉ. हसन खालिद आजमी ने अपने जुलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के तहत किए गए कार्यो के अनुभवों को साझा किया और सेमिनार में मौजूद लोगों को वन्य जीवों की हत्या न करने का संकल्प दिलाया। अंत में कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुशील कुमार पांडेय ने अपनी बात रखते हुए पशुओं व वृक्षों के पौराणिक महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि मानव संपूर्ण प्रकृति से मां जैसा व्यवहार करें तभी मनुष्य जाति का अस्तित्व पृथ्वी पर संभव है। सेमिनार में डॉ. अभिनय गिरी, लालचंद्र, रिखमन, अतुल आदि ने भी अपने विचार रखे।
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मुख्य अतिथि डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आदि काल से ही वन्य जीवों का मानव से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि वन्य जीवों व जंगलों का खत्म होना मानव जीवन के लिए काफी दुखद है। विलुप्त हो रहे वन्य जीवों का ठीक ढंग से संरक्षण न हो पाने का जिम्मेदार उन्होंने मनुष्य जाति को ही ठहराया और इनके संरक्षण के लिए मानव जाति का आह्वान किया। सेमिनार के दौरान डॉ. हसन खालिद आजमी ने अपने जुलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के तहत किए गए कार्यो के अनुभवों को साझा किया और सेमिनार में मौजूद लोगों को वन्य जीवों की हत्या न करने का संकल्प दिलाया। अंत में कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुशील कुमार पांडेय ने अपनी बात रखते हुए पशुओं व वृक्षों के पौराणिक महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि मानव संपूर्ण प्रकृति से मां जैसा व्यवहार करें तभी मनुष्य जाति का अस्तित्व पृथ्वी पर संभव है। सेमिनार में डॉ. अभिनय गिरी, लालचंद्र, रिखमन, अतुल आदि ने भी अपने विचार रखे।
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