{"_id":"5cb77258bdec22143149842c","slug":"191555526232-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोजन न करने से नौ बंदी बीमार, हालत गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोजन न करने से नौ बंदी बीमार, हालत गंभीर
विज्ञापन
आजमगढ़। प्रशासन की सख्ती से नाराज जेल के कई बंदी दो दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं । खाना न खाने से तबियत खराब होने पर इन्हें जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। सभी को उल्टी, पेट दर्द और कमजोरी महसूस हो रही है। बुधवार को नौ बंदियों की हालत गंभीर होने पर जेल के डाक्टर ने सभी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल के अतिरिक्त वार्ड में इन बंदियों को भर्ती कराया गया है।
भोजन न करने से बीमार होने वाले बंदियों में फैजान (21) पुत्र गुलाम, राहुल (22) पुत्र पन्नालाल, सदरे आलम (22) पुत्र मो. इश्तेखार, मो. नियाज (27) पुत्र मो. रेयाज, मनोज (27) पुत्र लखई, अजय (24) पुत्र पलकधारी, जगीरा (19) पुत्र बच्चन और सद्दाम (19) पुत्र साजिद हैं। इन सभी को भारी सुरक्षा के बीच बुधवार की सुबह जिला अस्पताल के अतिरिक्त वार्ड में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. आर आर श्रीवास्तव के मुताबिक जो बंदी भर्ती हुए हैं। उन्हें उल्टी, पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत है।
जेल की दुर्व्यवस्थाओं का मुद्दा अमर उजाला द्वारा प्रमुखता से उठाने के बाद 16 मार्च को एडीएम प्रशासन और एसपीसिटी ने जेल में छापा मारा और 35 मोबाइल बरामद हुई और काफी बवाल हुआ था। इस मामले में कई जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों को हटा दिया। नए अधिकारियों की तैनाती के बाद हुई सख्ती से नाराज कुछ बंदियों ने भोजन का बहिष्कार कर दिया है। बहिष्कार करने वालों में ज्यादातर ऐसे लोग शामिल हैं, जिनकी मोबाइल छीन ली गई, या फिर बाहर से भोजन आदि आना बंद करा दिया गया है। इन्हीं लोगों के उकसाने पर अन्य बंदियों ने भी भोजन का बहिष्कार किया है। हालांकि बंदियों का आरोप है कि प्रशासन न सिर्फ घटिया भोजन दे रहा, बल्कि कुछ लोगों से मोटी रकम लेकर उन्हें मोबाइल चलाने सहित अन्य सुविधाओं के लिए छूट दी जा रही है। जबकि रिश्वत न देने वालों के साथ सख्ती बरती जा रही। जेल सूत्रों के मुताबिक कई बीमार बंदी जेल अस्पताल में भर्ती हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि सख्ती की वजह से जिन बंदियों की दाल नहीं गल रही, वे लोग विरोध कर रहे हैं। बातचीत के जरिए मामला शांत कराने का प्रयास किया जा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
भोजन न करने से बीमार होने वाले बंदियों में फैजान (21) पुत्र गुलाम, राहुल (22) पुत्र पन्नालाल, सदरे आलम (22) पुत्र मो. इश्तेखार, मो. नियाज (27) पुत्र मो. रेयाज, मनोज (27) पुत्र लखई, अजय (24) पुत्र पलकधारी, जगीरा (19) पुत्र बच्चन और सद्दाम (19) पुत्र साजिद हैं। इन सभी को भारी सुरक्षा के बीच बुधवार की सुबह जिला अस्पताल के अतिरिक्त वार्ड में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. आर आर श्रीवास्तव के मुताबिक जो बंदी भर्ती हुए हैं। उन्हें उल्टी, पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत है।
विज्ञापन
जेल की दुर्व्यवस्थाओं का मुद्दा अमर उजाला द्वारा प्रमुखता से उठाने के बाद 16 मार्च को एडीएम प्रशासन और एसपीसिटी ने जेल में छापा मारा और 35 मोबाइल बरामद हुई और काफी बवाल हुआ था। इस मामले में कई जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों को हटा दिया। नए अधिकारियों की तैनाती के बाद हुई सख्ती से नाराज कुछ बंदियों ने भोजन का बहिष्कार कर दिया है। बहिष्कार करने वालों में ज्यादातर ऐसे लोग शामिल हैं, जिनकी मोबाइल छीन ली गई, या फिर बाहर से भोजन आदि आना बंद करा दिया गया है। इन्हीं लोगों के उकसाने पर अन्य बंदियों ने भी भोजन का बहिष्कार किया है। हालांकि बंदियों का आरोप है कि प्रशासन न सिर्फ घटिया भोजन दे रहा, बल्कि कुछ लोगों से मोटी रकम लेकर उन्हें मोबाइल चलाने सहित अन्य सुविधाओं के लिए छूट दी जा रही है। जबकि रिश्वत न देने वालों के साथ सख्ती बरती जा रही। जेल सूत्रों के मुताबिक कई बीमार बंदी जेल अस्पताल में भर्ती हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि सख्ती की वजह से जिन बंदियों की दाल नहीं गल रही, वे लोग विरोध कर रहे हैं। बातचीत के जरिए मामला शांत कराने का प्रयास किया जा रहा।
विज्ञापन