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सारी व्यवस्था फेल, जम कर हो रही है साइलेंट नकल

Thu, 14 Feb 2019 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Feb 2019 11:06 PM IST
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सारी व्यवस्था फेल, जम कर हो रही है साइलेंट नकल
आजमगढ़/पल्हनी। नकल पर रोक का शासन का फरमान जिले में पूरी तरह से असफल साबित हो रहा है। ग्रामीणांचल के विद्यालयों पर धड़ल्ले से साइलेंट नकल हो रही है। इसके लिए कई केंद्र व्यवस्थापकों ने अपने यहां के सीसी टीवी व वायस रिकार्डर को बंद कर रखा है। जहां चालू भी है तो वहां के वीडियो व ऑडियो की क्वालिटी इतनी खराब है कि उससे नकल होने या न होने की कोई पुष्टि ही नहीं कर सकता है।
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बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 304 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हर केंद्रों के सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी के साथ ही एक-एक वायस रिकार्डर लगाने का भी फरमान था। शासन-प्रशासन के दबाव पर हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी व वायस रिकार्डर लग तो जरूर गया है, लेकिन उसकी क्वालिटी ही इतनी खराब लगी हुई है कि उससे रिकार्ड हो रहे वीडियो व ऑडियो से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि परीक्षा कक्ष में हो क्या रहा है। इतना ही नहीं कई विद्यालय पर तो परीक्षा के बीच में सीसीटीवी व वॉयस रिकार्डर को बंद तक कर कर दिया जा रहा है। इसकी पुष्टि भी डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा, जेडी एपी वर्मा व एडी बेसिक राजेश कुमार आर्य ने विभिन्न तिथियों में परीक्षा के दौरान औचक निरीक्षण के बाद प्रस्तुत की गई अपनी आख्या में की है। शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्रवाई की बात तो कर रहे हैं, लेकिन सब कुछ मौखिक होने के चलते कुछ एक को छोड़ कर ज्यादातर परीक्षा केंद्रों पर जमकर नकल कराई जा रही है।
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रानी की सराय स्थित एक विद्यालय पर गुरुवार को शाम की पाली में डीआईओएस के नेतृत्व वाली उड़नदस्ता टीम पहुंची तो वहां हड़कंप मच गया। कई परीक्षा कक्षों से परीक्षार्थियों ने जंगले आदि से पर्चियां बाहर फेंका लेकिन टीम ने यहां मात्र एक छात्रा को पर्ची के साथ पकड़ कर रिस्टीकेट कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। शिक्षा विभाग के ज्ञान प्रकाश राय ने ऐसी किसी घटना से इंकार किया है। उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में सामूहिक नकल जैसा कुछ नहीं मिला। कुल मिला कर शासन व बोर्ड की सारी व्यवस्थाओं की धज्जियां उड़ाते हुए नकल माफिया सक्रिय हैं और शिक्षा विभाग सब कुछ जानते हुए भी नकल पर लगाम लगा पाने में असफल साबित हो रहा है।
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