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विधिक साक्षरता शिविर में बताया सुलह-समझौतों का महत्व
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:27 AM IST
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आजमगढ़। दीन दुखी की सेवा करने, न्याय चला निर्धन के द्वार के नारे को सार्थक बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को तहबरपुर विकास खंड के मेहमौनी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों को सुलह समझौते के आधार पर सुलझाने की सलाह दी गई।
शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि और प्राधिकरण के सचिव चंद्रशेखर यादव और तहसील विधिक सेवा समिति के सचिव तहसीलदार मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चंद्रशेखर यादव ने कहा कि सुलह समझौतों से जो मामला हल हो जाता है वह त्वरित और स्थाई होता है। जबकि न्यायालयों में जो निर्णय आते है उसमें एक पक्ष विजयी होता है तो दूसरा पक्ष अपील करता है जिसके कारण मुकदमे लंबित रहते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को अपने मामले को सुलह समझौते के आधार पर लोक अदालतों में निस्तारण कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए न्यायालयों में सुलह समझौता केंद्रों की स्थापना की गई है। मुकदमों के अंदर सुलह समझौते की अगर कोई गुजाइंश हो तो जिला विधिक प्राधिकरण के कार्यालय या तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय अथवा न्यायालयों में पक्षकार प्रार्थना पत्र दे सकता है। जिसमें सुलह समझौता केंद्रों पर भेजकर दोनों पक्षों के बीच सुलह समझौता कराने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
तहसीलदार मनीष कुमार ने कहा कि ऐसे शिविरों में मुकदमों के निस्तारण की प्रक्रिया के अलावा राज्यस्तरीय योजनाओं को घर-घर पहुचांने के लिए लोगों को विधिक रूप से साक्षर किए जाने का कार्य किया जा रहा है। अधिवक्ता प्रदीप सिंह ने कहा कि पहले गांवों में बुजुर्गों के समक्ष समस्याओं का समाधान हो जाता था जिससे न्याय पालिका पर कम बोझ था। आज के समय में न्यायालय पर बहुत ज्यादा बोझ है इसलिए विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन किया गया प्राधिकरण के माध्यम से आप प्रार्थना पत्र देकर ही न्याय पा सकते हैं। धंनजय राय ने कहा कि गांव में शिविर के आयोजन का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति की दहलीज पर न्याय उपलब्ध हो। अध्यक्षता करते हुए ओमप्रकाश राय ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर ग्राम प्रधान मांडवी राय, भारई चौहान, राजदेव, बहादुर, आशीष राय, मुसाफिर, अमित राय, विजय राय, संजीव सिंह, राजा साहब, विपिन चौहान, संतोष चौहान आदि उपस्थित थे।
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ठेकमा। विधवा, वृद्धा, विकलांग पेंशन के लिए शनिवार को ठेकमा विकास खंड परिसर में दो दिवसीय कैप का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों से पेंशन के लिए फार्म भरवाया गया।
जिसमें वृद्धा पेंशन के 130, विधवा के 35, विकलांग 12 लोगों ने ऑनलाइन भरा। इस दौरान 72 लोगों का कागज अपूर्ण पाया गया। किसी में मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं था तो किसी में परिवार रजिस्टर की नकल नहीं थी। इसको पूर्ण करा कर जमा करने का समय अभ्यर्थियों को दिया गया। एडीओ एसटी नंदलाल यादव ने समस्त पेंशन धारकों को पेंशन के नियम पर चर्चा की और लोगों को बताया कि जो लोग पात्र होंगे जांच के बाद उन्हीं को पेंशन दी जाएगी। इसलिए अब नियम के विरुद्ध ऑनलाइन न करवाएं जिससे कठिनाई हो। इस अवसर पर प्रोबेशन से जमशेद नसीम खान, आकाश यादव, विरेंद्र यादव, ग्राम विकास अधिकारी नागेंद्र प्रताप सिंह, राणा प्रताप सिंह, प्रधान रामलाल यादव, इंद्र कुमार, संदीप, राजाराम, आशुतोष, अरविंद, रामप्यारे आदि उपस्थित थे।
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शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि और प्राधिकरण के सचिव चंद्रशेखर यादव और तहसील विधिक सेवा समिति के सचिव तहसीलदार मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चंद्रशेखर यादव ने कहा कि सुलह समझौतों से जो मामला हल हो जाता है वह त्वरित और स्थाई होता है। जबकि न्यायालयों में जो निर्णय आते है उसमें एक पक्ष विजयी होता है तो दूसरा पक्ष अपील करता है जिसके कारण मुकदमे लंबित रहते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को अपने मामले को सुलह समझौते के आधार पर लोक अदालतों में निस्तारण कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए न्यायालयों में सुलह समझौता केंद्रों की स्थापना की गई है। मुकदमों के अंदर सुलह समझौते की अगर कोई गुजाइंश हो तो जिला विधिक प्राधिकरण के कार्यालय या तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय अथवा न्यायालयों में पक्षकार प्रार्थना पत्र दे सकता है। जिसमें सुलह समझौता केंद्रों पर भेजकर दोनों पक्षों के बीच सुलह समझौता कराने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
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तहसीलदार मनीष कुमार ने कहा कि ऐसे शिविरों में मुकदमों के निस्तारण की प्रक्रिया के अलावा राज्यस्तरीय योजनाओं को घर-घर पहुचांने के लिए लोगों को विधिक रूप से साक्षर किए जाने का कार्य किया जा रहा है। अधिवक्ता प्रदीप सिंह ने कहा कि पहले गांवों में बुजुर्गों के समक्ष समस्याओं का समाधान हो जाता था जिससे न्याय पालिका पर कम बोझ था। आज के समय में न्यायालय पर बहुत ज्यादा बोझ है इसलिए विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन किया गया प्राधिकरण के माध्यम से आप प्रार्थना पत्र देकर ही न्याय पा सकते हैं। धंनजय राय ने कहा कि गांव में शिविर के आयोजन का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति की दहलीज पर न्याय उपलब्ध हो। अध्यक्षता करते हुए ओमप्रकाश राय ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर ग्राम प्रधान मांडवी राय, भारई चौहान, राजदेव, बहादुर, आशीष राय, मुसाफिर, अमित राय, विजय राय, संजीव सिंह, राजा साहब, विपिन चौहान, संतोष चौहान आदि उपस्थित थे।
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ठेकमा। विधवा, वृद्धा, विकलांग पेंशन के लिए शनिवार को ठेकमा विकास खंड परिसर में दो दिवसीय कैप का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों से पेंशन के लिए फार्म भरवाया गया।
जिसमें वृद्धा पेंशन के 130, विधवा के 35, विकलांग 12 लोगों ने ऑनलाइन भरा। इस दौरान 72 लोगों का कागज अपूर्ण पाया गया। किसी में मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं था तो किसी में परिवार रजिस्टर की नकल नहीं थी। इसको पूर्ण करा कर जमा करने का समय अभ्यर्थियों को दिया गया। एडीओ एसटी नंदलाल यादव ने समस्त पेंशन धारकों को पेंशन के नियम पर चर्चा की और लोगों को बताया कि जो लोग पात्र होंगे जांच के बाद उन्हीं को पेंशन दी जाएगी। इसलिए अब नियम के विरुद्ध ऑनलाइन न करवाएं जिससे कठिनाई हो। इस अवसर पर प्रोबेशन से जमशेद नसीम खान, आकाश यादव, विरेंद्र यादव, ग्राम विकास अधिकारी नागेंद्र प्रताप सिंह, राणा प्रताप सिंह, प्रधान रामलाल यादव, इंद्र कुमार, संदीप, राजाराम, आशुतोष, अरविंद, रामप्यारे आदि उपस्थित थे।