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शहादत दिवस के बहाने सपा ने दिखाई ताकत
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:28 PM IST
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आजमगढ़। सगड़ी तहसील के नत्थूपुर गांव में भले ही कार्यक्रम शहादत दिवस का था लेकिन सपा ने इसके बहाने पूर्वांचल में विपक्षियों को अपनी ताकत का एहसास कराया। पूरी तरह से राजनीतिक रूप में रंगे कार्यक्रम में सपा नेताओं ने शहीद रामसमुझ यादव पर कम लेकिन मोदी के साथ ही योगी पर ज्यादा निशाना साधा।
आजमगढ़ को सपा का गढ़ ऐसे ही नहीं कहा जाता है यह बात बुधवार को सगड़ी तहसील के नत्थूपुर गांव में शहादत दिवस कार्यक्रम के अवसर पर देखने को मिली। इसमें शामिल होने के लिए जनपद के साथ ही जौनपुर, बनारस, गाजीपुर, मऊ, बलिया, अंबेडकर नगर, गोरखपुर आदि जनपदों से नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। भले ही कार्यक्रम एक शहीद की शहादत दिवस का था लेकिन यह पूरी तरह से राजनीतिक रूप ले चुका था। सपा के नेताओं ने इस दौरान मंच से लोगों को संबोधित किया। संबोधन के दौरान सपा नेता शहीद को कम याद किए लेकिन मोदी और योगी उनके पूरे भाषण के दौरान निशाने पर रहे। हर नेता का संबोधन शहीदों को याद करते होता लेकिन इसका समापन केंद्र और प्रदेश की सरकार पर हमले के साथ होता। सभी ने केंद्र और प्रदेश की सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। सबका कहना था कि लोगों को सपने दिखाकर सत्ता हासिल तो कर लिया लेकिन लोगों से किया वादा पूरा नहीं कर सके। जबकि सपा सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से जो वादे किए वह पूरे कर दिखाए। इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 40 मिनट तक जनसभा को संबोधित किया। वह भी सिर्फ पांच मिनट ही शहीदों को दे सके। इसके बाद वह भी सीधे मोदी और योगी पर निशाना साधते नजर आए। शहादत दिवस के बहाने सपा ने विपक्षियों को अपनी ताकत का एहसास कराया।
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आजमगढ़ को सपा का गढ़ ऐसे ही नहीं कहा जाता है यह बात बुधवार को सगड़ी तहसील के नत्थूपुर गांव में शहादत दिवस कार्यक्रम के अवसर पर देखने को मिली। इसमें शामिल होने के लिए जनपद के साथ ही जौनपुर, बनारस, गाजीपुर, मऊ, बलिया, अंबेडकर नगर, गोरखपुर आदि जनपदों से नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। भले ही कार्यक्रम एक शहीद की शहादत दिवस का था लेकिन यह पूरी तरह से राजनीतिक रूप ले चुका था। सपा के नेताओं ने इस दौरान मंच से लोगों को संबोधित किया। संबोधन के दौरान सपा नेता शहीद को कम याद किए लेकिन मोदी और योगी उनके पूरे भाषण के दौरान निशाने पर रहे। हर नेता का संबोधन शहीदों को याद करते होता लेकिन इसका समापन केंद्र और प्रदेश की सरकार पर हमले के साथ होता। सभी ने केंद्र और प्रदेश की सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। सबका कहना था कि लोगों को सपने दिखाकर सत्ता हासिल तो कर लिया लेकिन लोगों से किया वादा पूरा नहीं कर सके। जबकि सपा सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से जो वादे किए वह पूरे कर दिखाए। इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 40 मिनट तक जनसभा को संबोधित किया। वह भी सिर्फ पांच मिनट ही शहीदों को दे सके। इसके बाद वह भी सीधे मोदी और योगी पर निशाना साधते नजर आए। शहादत दिवस के बहाने सपा ने विपक्षियों को अपनी ताकत का एहसास कराया।
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