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धरना दिया, मुकदमा वापस लेने की मांग उठाई

Fri, 13 Apr 2018 12:04 AM IST
Updated Fri, 13 Apr 2018 12:04 AM IST
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धरना दिया, मुकदमा वापस लेने की मांग उठाई
आजमगढ़। बहुजन क्रांति मोर्चा और भारत मुक्ति मोर्चा के तत्वावधान में गुरुवार को रिक्शा स्टैंड में संयुक्त रूप से धरना प्रदर्शन किया गया। धरने में शामिल लोगों ने दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान जेल में बंद किए गए लोगों पर से मुकदमा वापस लिए जाने की मांग की गई। अभिमन्यु प्रधान ने कहा कि भारतीय न्याय पालिका ने अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण कानून 1989 में झूठे केस दाखिल हो रहे है। पीड़ितों को न्याय देने की बजाय मुजरिमों को खुली छूट दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एससी/एसटी पर अन्याय और अत्याचार बढ़ाने के लिए सरकार का उठाया गया कदम है। संयोजक मुकेश कुमार ने कहा कि भारत की न्यायपालिका ने अपने एक फैसले में कहा है कि अगर कर्मचारी मुजरिम है तो उसकी गिरफ्तारी से पहले उसके अधिकारी से अनुमति लेनी आवश्यक है। ऐसा नहीं किया जाना संविधान के अनुच्छेद 14 का खुला उलंघन है। डा.ओमप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार हर साल अन्याय अत्याचार की संख्या में 22 प्रतिशत की वृद्वि हो रही है। उन्होंने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ सख्त कानून बनाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया। धरने में कैलाश पटेल, अधिवक्ता शमशाद अहमद, निर्मल यादव, भरत चौहान, गोविंद, रचजू यादव, अरविंद सहित बहुत से कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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