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ग्रामीणों की चेतावनी नहीं बनी सड़कें तो होगा आंदोलन
Updated Sat, 10 Mar 2018 12:00 AM IST
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अंबारी। सपा सरकार में दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र में विकास के दावे तो बहुत किए गए लेकिन आज हालात इसके बिल्कुल उलट हैं। इस क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक सड़क मार्ग जर्जर हो चुके हैं। विधानसभा के पश्चिमी छोर पर स्थित अरनौला गांव तक आज तक पिच नहीं पहुंच सकी। क्षेत्र के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द जर्जर मार्गों की मरम्मत और अरनौली गांव के मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया तो हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र के आमगांव से अरंद के बीच में बसे अरनौला गांव में पूर्व में कल्याण सिंह की सरकार में मंत्री रहे पतिराज ने खड़ंजा लगवाया था। जिससे होकर लोग जौनपुर जिले के खेतासराय और दीदारगंज की तरफ लोग आते जाते हैं। इस समय खड़ंजा जगह-जगह से उखड़ गया है और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिससे हमेशा वाहनों के पलटने का भय बना रहता है। लोगों को हमेशा दुर्घटना होने का भय सताता रहता है। यह मार्ग जौंनपुर जिले और आजमगढ़ का सरहदी क्षेत्र होने से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। तहसील मुख्यालय और जिला मुख्यालय जाने के लिए लोगों को भारी दिक्कत उठानी पड़ती है। 15 मिनट का रास्ता एक घंटे में तय करना पड़ता है। वहीं क्षेत्र के पल्थी से शाहगंज मार्ग हुब्बीगंज से शाहगंज तक जर्जर हो गया है। इस पर दुर्घटनाओं में कई की मौत और कई घायल हो चुके हैं। क्षेत्र के हैदराबाद चौक से बखरा गांव होते हुए दुबावां गांव को जाने वाला पिच मार्ग जर्जर हो चुका है। मार्ग की लम्बाई लगभग छह किमी है। मार्ग अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। सड़क की गिट्टियां उखड़ कर इधर-उधर बिखरी हुई हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द इन मार्गो का निर्माण नहीं कराया गया तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र के जर्जर सड़कों की सूची तैयार कर प्रदेश सरकार को सौंपी जा चुकी है। इन सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी सरकार की है क्योंकि विधायक निधि में इतना बजट नहीं मिलता कि हम उनसे इन मार्गों की मरम्मत और निर्माण करा सकें।
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सुखदेव राजभर, दीदारगंज विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष।
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दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र के आमगांव से अरंद के बीच में बसे अरनौला गांव में पूर्व में कल्याण सिंह की सरकार में मंत्री रहे पतिराज ने खड़ंजा लगवाया था। जिससे होकर लोग जौनपुर जिले के खेतासराय और दीदारगंज की तरफ लोग आते जाते हैं। इस समय खड़ंजा जगह-जगह से उखड़ गया है और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिससे हमेशा वाहनों के पलटने का भय बना रहता है। लोगों को हमेशा दुर्घटना होने का भय सताता रहता है। यह मार्ग जौंनपुर जिले और आजमगढ़ का सरहदी क्षेत्र होने से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। तहसील मुख्यालय और जिला मुख्यालय जाने के लिए लोगों को भारी दिक्कत उठानी पड़ती है। 15 मिनट का रास्ता एक घंटे में तय करना पड़ता है। वहीं क्षेत्र के पल्थी से शाहगंज मार्ग हुब्बीगंज से शाहगंज तक जर्जर हो गया है। इस पर दुर्घटनाओं में कई की मौत और कई घायल हो चुके हैं। क्षेत्र के हैदराबाद चौक से बखरा गांव होते हुए दुबावां गांव को जाने वाला पिच मार्ग जर्जर हो चुका है। मार्ग की लम्बाई लगभग छह किमी है। मार्ग अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। सड़क की गिट्टियां उखड़ कर इधर-उधर बिखरी हुई हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द इन मार्गो का निर्माण नहीं कराया गया तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र के जर्जर सड़कों की सूची तैयार कर प्रदेश सरकार को सौंपी जा चुकी है। इन सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी सरकार की है क्योंकि विधायक निधि में इतना बजट नहीं मिलता कि हम उनसे इन मार्गों की मरम्मत और निर्माण करा सकें।
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सुखदेव राजभर, दीदारगंज विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष।