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जीएसटी के विरोध में रेशम व्यापारियों ने बंद रखी दूकानें
Updated Tue, 11 Jul 2017 12:19 AM IST
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मुबारकपुर। जीएसटी के विरोध में सोमवार को मुबारकपुर कस्बे में रेशमी वस्त्रोद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर बुनकर व्यापारियों ने अपनी दूकानें बंद रख पांच दिवसी बंदी की शुरुआत कर दी। सरकार की नीतियों को गलत बताते हुए व्यापारियों ने जुलूस निकाला, लेकिन बारिश के चलते स्थगित कर दिया। बाद में बैठक कर व्यापारियों ने सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए इस उद्योग से जीएसटी वापस लेने की मांग की। मांग पूरी न होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी। 14 जुलाई को जीएसटी के विरोध में जुलूस निकालने का निर्णय लिया।
मुबारकपुर नगर में रेशमी वस्त्रोद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर सोमवार को जीएसटी के विरोध में बुनकर व्यापारियों ने अपनी-अपनी दूकानें बंद कर सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया। इस दौरान बुनकर व्यापारियों ने पुरारानी मोहल्ले से जुलूस निकाला। तभी बारिश शुरू हो गई। इस पर बुनकर व्यापारियों ने जुलूस स्थगित कर दिया। इसके बाद पूरा खिजिर मोहल्ला स्थित हाजी नोमान के आवास में बुनकर व्यापारियों की बैठक हुई। व्यवसायी हाजी इफ्तेखार अहमद अंसारी ने कहा कि भारत में कृषि के बाद हथकरघा उद्योग ही ऐसा है जो अनेकों परिवार को रोजी-रोटी से जोड़ता है। यह उद्योग देश की एक धरोहर है, जिसको बचाने के लिए विभिन्न सरकारों ने अनेकों प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि इस कारोबार को पूर्ववर्ती सरकारों ने बढ़ाने के लिए हमेशा कोई न कोई योजना चलाई है। ताकि बुनकरों और इससे जुड़े करोबारियों का उत्थान हो सके, लेकिन वर्तमान सरकार हमारी रोजी-रोटी पर जीएसटी जैसा घातक टैक्स लगा कर बर्बाद करने पर तुली है। व्यवसायी हाजी अकरम अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने जीएसटी को वापस नहीं लिया तो वृहद आंदोलन को बाध्य होंगे। पांच दिवसीय बंदी के अंतिम दिन 14 जुलाई को जुलूस निकालने का निर्णय लिया। इस मौके पर हाजी मंसूर अहमद अंसारी, मुहम्मद असलम उर्फ बब्लू, हाजी मजहर अंसारी, जमाल अहमद, हाजी सईदुल्लाह अंसारी, हाजी मुहम्मद याकूब, हाजी एजाज हैदर, गुफरान अहमद, जमीर अहमद, मौलाना मुहम्मद अजमल अंसारी, रिजवान अहमद, रेयाज हैदर, अहमद जिया अंसारी आदि उपस्थित थे।
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मुबारकपुर नगर में रेशमी वस्त्रोद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर सोमवार को जीएसटी के विरोध में बुनकर व्यापारियों ने अपनी-अपनी दूकानें बंद कर सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया। इस दौरान बुनकर व्यापारियों ने पुरारानी मोहल्ले से जुलूस निकाला। तभी बारिश शुरू हो गई। इस पर बुनकर व्यापारियों ने जुलूस स्थगित कर दिया। इसके बाद पूरा खिजिर मोहल्ला स्थित हाजी नोमान के आवास में बुनकर व्यापारियों की बैठक हुई। व्यवसायी हाजी इफ्तेखार अहमद अंसारी ने कहा कि भारत में कृषि के बाद हथकरघा उद्योग ही ऐसा है जो अनेकों परिवार को रोजी-रोटी से जोड़ता है। यह उद्योग देश की एक धरोहर है, जिसको बचाने के लिए विभिन्न सरकारों ने अनेकों प्रयास किया है।
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उन्होंने कहा कि इस कारोबार को पूर्ववर्ती सरकारों ने बढ़ाने के लिए हमेशा कोई न कोई योजना चलाई है। ताकि बुनकरों और इससे जुड़े करोबारियों का उत्थान हो सके, लेकिन वर्तमान सरकार हमारी रोजी-रोटी पर जीएसटी जैसा घातक टैक्स लगा कर बर्बाद करने पर तुली है। व्यवसायी हाजी अकरम अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने जीएसटी को वापस नहीं लिया तो वृहद आंदोलन को बाध्य होंगे। पांच दिवसीय बंदी के अंतिम दिन 14 जुलाई को जुलूस निकालने का निर्णय लिया। इस मौके पर हाजी मंसूर अहमद अंसारी, मुहम्मद असलम उर्फ बब्लू, हाजी मजहर अंसारी, जमाल अहमद, हाजी सईदुल्लाह अंसारी, हाजी मुहम्मद याकूब, हाजी एजाज हैदर, गुफरान अहमद, जमीर अहमद, मौलाना मुहम्मद अजमल अंसारी, रिजवान अहमद, रेयाज हैदर, अहमद जिया अंसारी आदि उपस्थित थे।
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