फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   माइनरों में पानी न आने से ग्रामीणों में रोष

माइनरों में पानी न आने से ग्रामीणों में रोष

Sat, 22 Sep 2018 12:24 AM IST
Updated Sat, 22 Sep 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
माइनरों में पानी न आने से ग्रामीणों में रोष
मार्टीनगंज। नहरों में पानी न आने से खेतों में खड़ी किसानों के धान की फसल सूख रही है। इस बात को लेकर किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द नहर में पानी नहीं आया तो हम लोग इसे पाट देंगे। मार्टीनगंज तहसील क्षेत्र में फसलों की सिंचाई के लिए शारदा सहायक खंड 23 के माइनरों जैसे बनगांव माइनर, भादों माइनर, सोहौली माइनर, बेलवाना माइनर, महुजा माइनर, अमनावें माइनर, सुरहन माइनर, औरंगाबाद माइनर और लसड़ा माइनर में पानी की आपूर्ति ठीक से नहीं हो रही है। जिसकी शिकायत बार बार क्षेत्र के लोगों ने वरिष्ठ अधिकारियों से की। अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ को निर्देश देने के बाद उसकी पूरी जानकारी लेने की जहमत नही उठाई। वर्तमान में धान की फसल में फूल आने का समय हो गया है लेकिन माइनरों मे पानी न आने और बारिश न होने से किसानों की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। नहरों के माइनरों में पानी न आने के कारण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि अगर जल्द पानी नहीं आया तो हम नहर को पाटने का कार्य करेंगे।
विज्ञापन

लसड़ा निवासी अधिवक्ता पारस नाथ सिंह ने कहा कि औरंगाबाद माइनर से निकली दो माइनर जो लसड़ा और कैथौली माइनर के नाम से जानी जाती है। लेकिन दो साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी आज तक पानी खेतों तक नही पहुंचा। इस संबंध में तत्कालीन डीएम सीबी सिंह को शिकायत की गई थी। उन्होंने अधिशाषी अभियंता नहर को निर्देश दिया कि तत्काल पानी टेल तक पहुंचा कर आख्या दें लेकिन तीन चार महीने बीतने के बाद भी नहर विभाग ने संज्ञान नहीं लिया। यदि इस सप्ताह के अंदर पानी नहीं आया तो हम ग्रामीणों के साथ मिल कर नहर पाटने के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन


सुरहन गांव निवासी कोको सिंह ने बताया कि सुरहन माइनर की खुदाई के बाद आज तक पूरी माइनर की सफाई नही हुआ। दो साल पहले मुश्किल से एक हजार मीटर की खुदाई हुई थी। माइनर की खुदाई तो पूरी हुई है लेकिन गोपाल तिवारी के घर के बाद कभी भी सफाई का कार्य नहीं हुआ जिसकी वजह से आगे माइनर पटने के बराबर है। अगर नहर में पानी नहीं आता है तो फिर नहर की जरूरत नहीं है। माइनर को पाट देना ही अच्छा रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


निकासीपुर गांव निवासी जीतेंद्र यादव ने बताया कि बनगांव माइनर में पानी शारदा सहायक खंड 23 के बिछियापुर हेड से पानी की मात्रा कम छोड़ने के कारण पानी निकासीपुर तक नहीं पहुंच पाता है। नहर के किनारों को लोग जगह जगह काट देते हैं। जिसकी वजह से माइनरों में पानी आगे नहीं पहुंच पाता है। कभी भी कोई अधिकारी कर्मचारी दिखाई नहीं देते हैं जिनसे बात की जा सके।

बस्ती कपूरी निवासी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि औरंगाबाद माइनर थोड़ी ऊंचाई पर होने के कारण पानी की पहुंच टेल तक नहीं हो रही है। इसके लिए नहर बिभाग के माध्यम से ग्रामीणों के निवेदन पर ठोकर बनाया गया था जिससे पानी माइनर में चढ़ता था। सिल्ट की सफाई के दौरान पोकलेन मशीन के धक्के से ढ़ाई फुट ऊंचा ठोकर टूट गया जिसकी शिकायत डीएम से की गई। उनके निर्देश पर अधिशाषी अभियंता मौके पर गए निरीक्षण कर जेई को ठोकर बनाने का निर्देश दिया लेकिन आज तक ठोकर का निर्माण नहीं किया गया।


हमारी जितनी डिमांड है उसके सापेक्ष पानी कम मिलने की वजह से किसानों की आवश्यकता की पूर्ति नहीं हो पा रही है। हम कोशिश में लगे हैं कि पानी की मात्रा उतनी हो जाए जितनी हमको आवश्यकता है।
लवकुश सिंह, अधिशासी अभियंता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed