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लक्ष्य पूरा न करने वाले मंडी सचिवों पर गिरेगी गाज
Updated Fri, 02 Feb 2018 11:32 PM IST
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आजमगढ़। मंडी परिषद आजमगढ़ परिक्षेत्र के शमन शुल्क वसूली में वृद्धि का क्रम जारी है, फिर भी निर्धारित लक्ष्य पूरा न होने पर उप निदेशक मंडी परिषद प्रशासन ने सचिवों की क्लास ली है। निर्धारित लक्ष्य 10 लाख के सापेक्ष जनवरी 2017 में 7.15 लाख की वसूली शमन शुल्क के रूप में की गई है। जिसमें आजमगढ़ व कोपागंज मंडी ही लक्ष्य को पूरा कर सकी है।
उप निदेशक प्रशासन मंडी परिषद आजमगढ़ डॉ. हिमांशू शेखर त्रिपाठी ने बताया कि जनवरी माह में परिक्षेत्र के सातों मंडियों के लिए शमन शुल्क वसूली का लक्ष्य दस लाख था, जिसमें 7.15 लाख की वसूली हुई है। आजमगढ़ और कोपागंज मंडी निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में सफल रही, वहीं अन्य पांच मंडियां जिसमें दोहरीघाट लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 42 हजार, बलिया 1.31 लाख, बेल्थरारोड 35 हजार, चितबड़ागांव 51 हजार व रसड़ा मंडी ने 56 हजार रुपये की वसूली की है। इन मंडियों में बलिया का लक्ष्य दो लाख और अन्य का एक-एक लाख निर्धारित था। उन्होंने कहा कि शमन शुल्क वसूली में मंडी सचिवों की लापरवाही उजागर हुई है। मंडियों के सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही वेतन वृद्धि रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2017 की शमन शुल्क वसूली 2.06 लाख थी जो 2018 में 7.15 लाख हो गई है।
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उप निदेशक प्रशासन मंडी परिषद आजमगढ़ डॉ. हिमांशू शेखर त्रिपाठी ने बताया कि जनवरी माह में परिक्षेत्र के सातों मंडियों के लिए शमन शुल्क वसूली का लक्ष्य दस लाख था, जिसमें 7.15 लाख की वसूली हुई है। आजमगढ़ और कोपागंज मंडी निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में सफल रही, वहीं अन्य पांच मंडियां जिसमें दोहरीघाट लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 42 हजार, बलिया 1.31 लाख, बेल्थरारोड 35 हजार, चितबड़ागांव 51 हजार व रसड़ा मंडी ने 56 हजार रुपये की वसूली की है। इन मंडियों में बलिया का लक्ष्य दो लाख और अन्य का एक-एक लाख निर्धारित था। उन्होंने कहा कि शमन शुल्क वसूली में मंडी सचिवों की लापरवाही उजागर हुई है। मंडियों के सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही वेतन वृद्धि रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2017 की शमन शुल्क वसूली 2.06 लाख थी जो 2018 में 7.15 लाख हो गई है।
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