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दो विभागों में सड़क निर्माण को लेकर ठनी
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:21 PM IST
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आजमगढ़। जहानागंज-आजमगढ़ मार्ग पर स्थित रामपुर हरिजन बस्ती जाने वाले मामले को लेकर दो विभाग आमने-सामने हो गए हैं। जिला पंचायत उक्त मार्ग के निर्माण को बनवा रहा है और पीडब्ल्यूडी उसे अपने अधीन बताकर कार्य रोक रहा है। लेकिन जिला पंचायत उसकी ोक को न मानते हुए निरो्माण को पूरा कर चुका है।
जहानागंज-आजमगढ़ मुख्य मार्ग से रामपुर हरिजन बस्ती की दूरी लगभग 750 मीटर है। इस मार्ग के निर्माण के पीडब्ल्यूडी टेंडर करा चुका है। टेंडर लेने के बाद ठेकेदार जब मार्ग का निर्माण कराने पहुंचा तो उसने पाया कि उक्त मार्ग पर जिला पंचायत द्वारा पहले से ही कार्य कराया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने जब जिला पंचायत के ठेकेदार को कार्य कराने से रोका तो उसने उसे मना कर दिया। जबकि पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार की मानें तो उक्त मार्ग पीडब्ल्यूडी के अधीन आता है। जिला पंचायत के अधीन दूसरा रोड है लेकिन गलती से वह दूसरे मार्ग का निर्माण करा रहा था। मना करने पर वह नहीं माना और पूरे मार्ग का निर्माण करा दिया। जबकि उक्त मार्ग का टेंडर मैंने लिया। इस संबंध में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी एके सिंह ने कहा कि इस रोड का निर्माण ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा कराया गया था। शासनादेश के मुताबिक इसका आधिपत्य जिला पंचायत राज और जिला पंचायत का होता है। इसलिए इस मार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी हमारी है। लेकिन पीडब्ल्यूडी द्वारा इसमें अड़ंगा लगाया जा रहा है। वहीं पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता प्रकाश सिद्घार्थ ने कहा कि यह मार्ग पीडब्ल्यूडी का है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी हमारी है। जिला पंचायत की दूसरी सड़क है लेकिन उनके द्वारा गलती से दूसरे मार्ग का निर्माण कराया जा रहा था। जिसे रोक दिया गया है।
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जहानागंज-आजमगढ़ मुख्य मार्ग से रामपुर हरिजन बस्ती की दूरी लगभग 750 मीटर है। इस मार्ग के निर्माण के पीडब्ल्यूडी टेंडर करा चुका है। टेंडर लेने के बाद ठेकेदार जब मार्ग का निर्माण कराने पहुंचा तो उसने पाया कि उक्त मार्ग पर जिला पंचायत द्वारा पहले से ही कार्य कराया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने जब जिला पंचायत के ठेकेदार को कार्य कराने से रोका तो उसने उसे मना कर दिया। जबकि पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार की मानें तो उक्त मार्ग पीडब्ल्यूडी के अधीन आता है। जिला पंचायत के अधीन दूसरा रोड है लेकिन गलती से वह दूसरे मार्ग का निर्माण करा रहा था। मना करने पर वह नहीं माना और पूरे मार्ग का निर्माण करा दिया। जबकि उक्त मार्ग का टेंडर मैंने लिया। इस संबंध में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी एके सिंह ने कहा कि इस रोड का निर्माण ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा कराया गया था। शासनादेश के मुताबिक इसका आधिपत्य जिला पंचायत राज और जिला पंचायत का होता है। इसलिए इस मार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी हमारी है। लेकिन पीडब्ल्यूडी द्वारा इसमें अड़ंगा लगाया जा रहा है। वहीं पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता प्रकाश सिद्घार्थ ने कहा कि यह मार्ग पीडब्ल्यूडी का है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी हमारी है। जिला पंचायत की दूसरी सड़क है लेकिन उनके द्वारा गलती से दूसरे मार्ग का निर्माण कराया जा रहा था। जिसे रोक दिया गया है।
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