फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   संसार रुपी भवसागर से गुरु ही करा सकते है पार

संसार रुपी भवसागर से गुरु ही करा सकते है पार

Thu, 02 Aug 2018 12:32 AM IST
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
संसार रुपी भवसागर से गुरु ही करा सकते है पार
आजमगढ़। आशुतोष महराज के शिष्य स्वामी ब्रह्मेशानंद ने गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि संसार रूपी इस भवसागर से बिना गुरु के पार नहीं किया जा सकता है। उक्त बातें स्वामी जी ने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की तरफ से मंगलवार को राहुल प्रेक्षा गृह में आयोजित गुरु पूजा महोत्सव के आयोजन के दौरान व्यक्त किए।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में एक पूर्ण गुरु का होना परम आवश्यक है। लेकिन सवाल यह उठता है कि हम कहां जाए, किस गुरु के पास जाए, भगवा वस्त्र धारण करने वाले, मंत्र जाप करने वाले या प्रवचन करने वाले। गुरु की कसौटी नहीं। गुरु तो वह है जो परमात्मा का दर्शन अंर्तघट में करवा दे वही पूर्ण गुरु होता है। ऐसे गुरु की पूजा करने से तैंतीस कोटि देवी-देवताओं की पूजा हो जाती है। इस अवसर पर आई साध्वी बहनों में आद्या भारती, सुलोचना भारती ने भी गुरु महिमा का व्याख्यान किया। स्वामी प्रबुद्धानंद ने अपने भजन से लोगों को भावविभोर कर दिया। स्वामी अर्जुनानंद के आशीर्वाद के बाद गुरु महोत्सव संपन्न हुआ। इस अवसर पर जोखू साहू, कैलाश प्रसाद गोंड, गोपाल, कांता प्रसाद, केशव प्रसाद, संतोष, प्रहलाद सिंह, लकी, कन्हैया, उमेश, पवन, शिवकुमार, मुंशी बाबा, प्रभाकर, आनंद, उषा, शांति देवी, किरन सिंह, उर्मिला, संगीता, गीता देवी, रीता सिंह सहित अनेक शिष्य और शिष्या उपस्थित रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed