{"_id":"5b61fb554f1c1ba03e8b48ce","slug":"151533147989-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संसार रुपी भवसागर से गुरु ही करा सकते है पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संसार रुपी भवसागर से गुरु ही करा सकते है पार
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। आशुतोष महराज के शिष्य स्वामी ब्रह्मेशानंद ने गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि संसार रूपी इस भवसागर से बिना गुरु के पार नहीं किया जा सकता है। उक्त बातें स्वामी जी ने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की तरफ से मंगलवार को राहुल प्रेक्षा गृह में आयोजित गुरु पूजा महोत्सव के आयोजन के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में एक पूर्ण गुरु का होना परम आवश्यक है। लेकिन सवाल यह उठता है कि हम कहां जाए, किस गुरु के पास जाए, भगवा वस्त्र धारण करने वाले, मंत्र जाप करने वाले या प्रवचन करने वाले। गुरु की कसौटी नहीं। गुरु तो वह है जो परमात्मा का दर्शन अंर्तघट में करवा दे वही पूर्ण गुरु होता है। ऐसे गुरु की पूजा करने से तैंतीस कोटि देवी-देवताओं की पूजा हो जाती है। इस अवसर पर आई साध्वी बहनों में आद्या भारती, सुलोचना भारती ने भी गुरु महिमा का व्याख्यान किया। स्वामी प्रबुद्धानंद ने अपने भजन से लोगों को भावविभोर कर दिया। स्वामी अर्जुनानंद के आशीर्वाद के बाद गुरु महोत्सव संपन्न हुआ। इस अवसर पर जोखू साहू, कैलाश प्रसाद गोंड, गोपाल, कांता प्रसाद, केशव प्रसाद, संतोष, प्रहलाद सिंह, लकी, कन्हैया, उमेश, पवन, शिवकुमार, मुंशी बाबा, प्रभाकर, आनंद, उषा, शांति देवी, किरन सिंह, उर्मिला, संगीता, गीता देवी, रीता सिंह सहित अनेक शिष्य और शिष्या उपस्थित रही।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में एक पूर्ण गुरु का होना परम आवश्यक है। लेकिन सवाल यह उठता है कि हम कहां जाए, किस गुरु के पास जाए, भगवा वस्त्र धारण करने वाले, मंत्र जाप करने वाले या प्रवचन करने वाले। गुरु की कसौटी नहीं। गुरु तो वह है जो परमात्मा का दर्शन अंर्तघट में करवा दे वही पूर्ण गुरु होता है। ऐसे गुरु की पूजा करने से तैंतीस कोटि देवी-देवताओं की पूजा हो जाती है। इस अवसर पर आई साध्वी बहनों में आद्या भारती, सुलोचना भारती ने भी गुरु महिमा का व्याख्यान किया। स्वामी प्रबुद्धानंद ने अपने भजन से लोगों को भावविभोर कर दिया। स्वामी अर्जुनानंद के आशीर्वाद के बाद गुरु महोत्सव संपन्न हुआ। इस अवसर पर जोखू साहू, कैलाश प्रसाद गोंड, गोपाल, कांता प्रसाद, केशव प्रसाद, संतोष, प्रहलाद सिंह, लकी, कन्हैया, उमेश, पवन, शिवकुमार, मुंशी बाबा, प्रभाकर, आनंद, उषा, शांति देवी, किरन सिंह, उर्मिला, संगीता, गीता देवी, रीता सिंह सहित अनेक शिष्य और शिष्या उपस्थित रही।
विज्ञापन