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जंगल और ताल की जमीन का कर दिया पट्टा
Updated Fri, 27 Jul 2018 11:52 PM IST
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आजमगढ़। लालगंज विकास खंड के मई खरगपुर गांव में ताल, जंगल और आबादी की जमीन को नियमों पर ताक पर रखते हुए गलत तरीके से पट्टा कर दिया। शिकायती वाद प्रस्तुत होने के बाद जिलाधिकारी कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व ओमप्रकाश राजभर के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों को सुनने के बाद जिलाधिकारी ने उक्त पट्टे को निरस्त कर भूमि को ग्राम समाज के जंगल, ताल और आबादी के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया। शिकायती वाद में मनोकामना दत्तक पुत्र बनफल ने कहा कि भूमि प्रबंधक मई खरगपुर का पट्टे को लेकर किया गया प्रस्ताव विधि सम्मत नहीं है। क्योंकि यह पट्टा बिना जांच किए ही दे दिया गया है। आवंटन प्रस्ताव के पूर्व भूमि प्रबंधक समिति के सदस्यों को कोई सूचना नहीं दी गई और ना ही मुनादी कराई गई। ना तो भूमि प्रबंधक समिति के प्रस्ताव की किसी को जानकारी हुई। सारी कार्रवाई गोपनीय ढ़ंग से की गई। आवंटन पत्रावली में गड़बड़ी करते हुए जंगल, ताल और आबादी की जमीन का पट्टा कर दिया है। इस शिकायत पर जिलाधिकारी ने एसडीएम लालगंज से आख्या मांगी। आख्या में एसडीएम लालगंज ने भी इसे गलत माना और इसे निरस्त करने योग्य बताया। शुक्रवार को जिलाधिकारी न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व ओम प्रकाश राजभर ने साक्ष्यों के आधार पर तर्कों को पेश किया। जिसे सुनने के बाद जिलाधिकारी ने उक्त पट्टे को निरस्त करते हुए आवंटित भूखंड को पूर्ववत ग्राम सभा के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया। साथ ही तहसीलदार लालगंज को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के अंदर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करें। वहीं सदर तहसील के अवांव में ऐसे ही एक पट्टे को लेकर दाखिल वाद की सुनवाई के दौरान भी जिलाधिकारी ने ताल की जमीन पर खेती के लिए किए गए पट्टे को निरस्त करते हुए उक्त भूमि को ग्रामसभा के ताल खाते में दर्ज करने का आदेश दिया। साथ ही तहसीलदार सदर को एक सप्ताह के अंदर आख्या खतौनी के साथ न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
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