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निभाना प्यार तो सीखो गुलाब के फूलों से

Mon, 13 Nov 2017 11:18 PM IST
Updated Mon, 13 Nov 2017 11:18 PM IST
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निभाना प्यार तो सीखो गुलाब के फूलों से
आजमगढ़। सूंड साहित्य परिषद द्वारा आयोजित हास्य कवि सूंड फैजाबादी की स्मृति में रविवार को नगर के वेस्ली इंटर कालेज में रात आठ बजे से राष्ट्रीय एकता कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ पूर्व मंत्री एवं सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, डा. अशोक सिंह, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार सिंह बनवारी लाल जालान ने संयुक्त रुप से किया। इस दौरान सुरेंद्र सिंह चांस द्वारा लिखित पुस्तक ‘मनुष्य हाजिर है’ का लोकार्पण अतिथियों ने किया।
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मिर्जापुर से आई विभा सिंह ने अपनी कविता ‘निभाना प्यार तो सीखो गुलाब फूलों से, जो टूट कर भी दो दिलों को जोड़ देते है’ सुनाकर सभी को ओतप्रोत कर दिया। इलाहाबाद के अखिलेश द्विवेदी ने अपने हावभाव और हास्य कविताओं से लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया। वही कमलेश ने गंगा पर कविता सुनाया। पंकज प्रखर ने हास्य माहौल को बदलते हुए सुनाया, कुछ जयचंदों और जाफरों से भारत शर्मिंदा है। संचालन कर रहे गीतकार वैभव वर्मा ने कलेजा कट के भला कैसे अलग होता है, ये पूछो उनसे जो बेटी को विदा करते है। सुनाकर खूब तालिया बटोरने में कामयाब रहे। देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन में सूरज मणि त्रिपाठी, शायर सलीम, शाहिद वर्की, ताज आजमी, दशरथ राय, रमेश आदि ने अपनी शायरी और कविताओं से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि डा. शिव प्रसाद शर्मा अंबु ने किया।
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