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Azamgarh News: गांव में लगाईं 14 टीमें, 400 बच्चों को लगाया टीका
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फरिहा। विकास खंड रानी की सराय के फरिहा गांव में दो बच्चों की डिप्थीरिया (गला घोंटू) से मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की 14 टीमों को लगाकर टीकाकरण कराया जा रहा है। जिले में अब तक डिप्थीरिया से आठ बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में डेरा डाले हुए है। पूर दिन अभियान चलाकर 400 बच्चों को टीका लगाया गया। आठ बच्चे संदिग्ध मिले हैं, जिन्हें सर्दी-जुकाम व बुखार है। हालांकि विभाग उन्हें वायरल होने की बात कर रहा है।
फरिहा गांव में डिप्थीरिया से एक सप्ताह के अंदर दो बच्चों की मौत हो गई। दो बच्चों की हालत चिंताजनक है। एक का इलाज वाराणसी के निजी अस्पताल और दूसरे का सरायमीर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। मौत के बाद सीएमओ स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ रविवार को गांव में पहुंचे। गांव में कुल 14 टीमें लगाई गई हैं जो मोहल्लों में जांच कर टीके लगा रही हैं। टीम डिप्थीरिया को लेकर जागरूक कर रही है। चिकित्साधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि इस बीमारी के प्राथमिक लक्षणों में बुखार और गले में खराश, गले में सूजन है। ऐसे में तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए। दूसरे दिन फरिहा गांव में सीएमओ डाॅ. अशोक कुमार, एसीएमओ डाॅ. अरविंद चौधरी, अब्दुल अजीज मौके पर पहुंचे और जायजा लिया।
डिप्थीरिया के ये लक्षण
डिप्थीरिया के लक्षण संक्रमित होने के दो से पांच दिन बाद शुरू होते हैं। इनमें गले में खराश और आवाज बैठना, गर्दन की ग्रंथियों में सूजन, सांस लेने में कठिनाई, नाक से स्राव, बुखार और ठंड लगना व थकान होना शामिल है। त्वचा नीली पड़ जाती है।
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डिप्थीरिया से मौत होने से इन्कार
निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा गांव में एक सप्ताह में दो बच्चों की मौत हो गई। इनमें 10 वर्षीय उम्मेहानी व सात वर्षीय आरिज शामिल है। मौत का कारण परिजन व गांव के लोग डिप्थीरिया बता रहे लेकिन स्वास्थ्य विभाग इससे इन्कार कर रहा है। निजामाबाद के सीधा सुल्तानपुर नट बस्ती में हुई छह बच्चों की मौत से भी विभाग इन्कार कर रहा है। सीएमओ डाॅ. अशोक कुमार ने बताया कि एक बच्चे को निमोनिया था। पीसीआर जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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फरिहा गांव में डिप्थीरिया से एक सप्ताह के अंदर दो बच्चों की मौत हो गई। दो बच्चों की हालत चिंताजनक है। एक का इलाज वाराणसी के निजी अस्पताल और दूसरे का सरायमीर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। मौत के बाद सीएमओ स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ रविवार को गांव में पहुंचे। गांव में कुल 14 टीमें लगाई गई हैं जो मोहल्लों में जांच कर टीके लगा रही हैं। टीम डिप्थीरिया को लेकर जागरूक कर रही है। चिकित्साधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि इस बीमारी के प्राथमिक लक्षणों में बुखार और गले में खराश, गले में सूजन है। ऐसे में तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए। दूसरे दिन फरिहा गांव में सीएमओ डाॅ. अशोक कुमार, एसीएमओ डाॅ. अरविंद चौधरी, अब्दुल अजीज मौके पर पहुंचे और जायजा लिया।
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डिप्थीरिया के ये लक्षण
डिप्थीरिया के लक्षण संक्रमित होने के दो से पांच दिन बाद शुरू होते हैं। इनमें गले में खराश और आवाज बैठना, गर्दन की ग्रंथियों में सूजन, सांस लेने में कठिनाई, नाक से स्राव, बुखार और ठंड लगना व थकान होना शामिल है। त्वचा नीली पड़ जाती है।
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डिप्थीरिया से मौत होने से इन्कार
निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा गांव में एक सप्ताह में दो बच्चों की मौत हो गई। इनमें 10 वर्षीय उम्मेहानी व सात वर्षीय आरिज शामिल है। मौत का कारण परिजन व गांव के लोग डिप्थीरिया बता रहे लेकिन स्वास्थ्य विभाग इससे इन्कार कर रहा है। निजामाबाद के सीधा सुल्तानपुर नट बस्ती में हुई छह बच्चों की मौत से भी विभाग इन्कार कर रहा है। सीएमओ डाॅ. अशोक कुमार ने बताया कि एक बच्चे को निमोनिया था। पीसीआर जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई है।