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पहली बैठक से गिना जाएगा निकायों का कार्यकाल
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:47 PM IST
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आजमगढ़। नगर निकायों का कार्यकाल पूर्ण होने में कुछ दिन शेष है। सरकार द्वारा चुनाव पर रोक लगाने के कारण नगर निकायों का कार्यकाल एक-एक कर समाप्त होने वाला है। सरकार कार्यकाल पूरा कर चुके नगर निकायों में प्रशासक तैनात करने की तैयारी में जुटी है। इस संबंध में विशेष सचिव शैलेंद्र कुमार सिंह की ओर से प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को 15 जुलाई को ही पत्र जारी किया जा चुका है।
नगर निगमों, नगर पंचायतों और नगर पालिका परिषदों का कार्यकाल जुलाई मध्य से लेकर अगस्त के अंत तक समाप्त हो रहा है। हालांकि कुछ दिन पहले चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन बाद में उसे रोक दिया गया। शासन ने आरक्षण के लिए रैपिड सर्वे कराने का आदेश दिया है जो अगस्त के अंत तक पूरा होगा। ऐसी स्थिति में सरकार शहरी निकायों को प्रशासकों के हवाले करने की तैयारी में है। इससे पहले शासन ने सभी निकायों से उनके यहां पहली बैठक और शपथ ग्रहण की तारीखों की जानकारी ले ली है। विशेष सचिव के पत्र को देखें तो यह स्पष्ट है कि सदन की पहली बैठक को ही कार्यकाल पूरा होने का आधार माना जाएगा। निकायों को कार्यावधि के उपरांत नगर आयुक्त, दनगर निगम और अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद या नगर पंचायत को निकायों के कार्य के सालन का दायित्व सौंपने का निर्देश दिया गया है। निकाय की कार्यकारिणी समिति बहुमत के द्वारा नगर आयुक्तों या अधिकारियों को परामर्श दे सकेगी। यह समिति नागरिकों के लिए दी जाने वाली नागरिक सुविधाओं का पर्यवेक्षण भी करेगी। नगरपालिका परिषदों और नंगर पंचायतों के संबंध में कार्यकारिणी समिति का आशय निकाय बोर्ड से होगा।
इस प्रकार होगा होगा खातों का संचालन
विशेष सचिव द्वारा जारी पत्र में नगरपालिका परिषद और नगर पंचायतों के खातों के संचालन के संबंध में भी निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि नगरपालिका या नगर पंचायत अध्यक्ष की न रहने पर खातों के संचालन में कठिनाई को दृष्टिगत रखते हुए नगरपालिका परिषदों और नगर पंचायतों में खातों का संचालन अधिशासी अधिकारी के अतिरिक्त वहां के लेखा विभाग में कार्यरत उप्र केंद्रीयित सेवा के लेखा संवर्ग के वरिष्ठतम अधिकारी को संयुक्त हस्ताक्षर के लिए अधिकृत कर दिया जाएगा। जहां केंद्रीयित सेवा कर्मचारी या अधिकारी तैनात न हो वहां का लेखा का कार्य देख रहे कार्मिक को इकुछ शर्तों के साथ धिकृत कर दिया जाए। जैसे उक्त कार्मिक अधिशासी अधिकारी द्वारा विधिवत नामित किया गया हो। यह भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि संयुक्त हस्ताक्षर की उक्त व्यवस्था के तहत धनराशि का नकद आहरण यथा संभव न किया जाए। चेकों का आहरण संसंगत नियों और आदेशों के अंतर्गत समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति होने के बाद ही नियमानुसार होगा।
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दोनों नगरपालिकाओं के कार्यकाल की उल्टी गिनती शुरू
आजमगढ़। जनपद में दो नगरपालिका और 10 नगर पंचायतें है। इन नगरपंचायतों का कार्यकाल पूरा होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। आजमगढ़ नगरपालिका परिषद का कार्यकाल नौ अगस्त को पूरा होगा। वहीं मुबारकपुर नगरपालिका परिषद का कार्यकाल 30 जुलाई को पूर्ण होगा। इसके बाद इन दोनों नगरपालिकाओं में प्रशासक तैनात हो जाएंगे। इसी तरह से 10 नगरपंचायतों का कार्यकाल भी एक-एक कर पूरा हो रहा है।
एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी ने बताया कि अभी हमारे पास कोई शासनादेश आया है। जब कार्यकाल पूरा होगा तो जैसा शासन का निर्देश होगा उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।
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नगर निगमों, नगर पंचायतों और नगर पालिका परिषदों का कार्यकाल जुलाई मध्य से लेकर अगस्त के अंत तक समाप्त हो रहा है। हालांकि कुछ दिन पहले चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन बाद में उसे रोक दिया गया। शासन ने आरक्षण के लिए रैपिड सर्वे कराने का आदेश दिया है जो अगस्त के अंत तक पूरा होगा। ऐसी स्थिति में सरकार शहरी निकायों को प्रशासकों के हवाले करने की तैयारी में है। इससे पहले शासन ने सभी निकायों से उनके यहां पहली बैठक और शपथ ग्रहण की तारीखों की जानकारी ले ली है। विशेष सचिव के पत्र को देखें तो यह स्पष्ट है कि सदन की पहली बैठक को ही कार्यकाल पूरा होने का आधार माना जाएगा। निकायों को कार्यावधि के उपरांत नगर आयुक्त, दनगर निगम और अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद या नगर पंचायत को निकायों के कार्य के सालन का दायित्व सौंपने का निर्देश दिया गया है। निकाय की कार्यकारिणी समिति बहुमत के द्वारा नगर आयुक्तों या अधिकारियों को परामर्श दे सकेगी। यह समिति नागरिकों के लिए दी जाने वाली नागरिक सुविधाओं का पर्यवेक्षण भी करेगी। नगरपालिका परिषदों और नंगर पंचायतों के संबंध में कार्यकारिणी समिति का आशय निकाय बोर्ड से होगा।
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इस प्रकार होगा होगा खातों का संचालन
विशेष सचिव द्वारा जारी पत्र में नगरपालिका परिषद और नगर पंचायतों के खातों के संचालन के संबंध में भी निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि नगरपालिका या नगर पंचायत अध्यक्ष की न रहने पर खातों के संचालन में कठिनाई को दृष्टिगत रखते हुए नगरपालिका परिषदों और नगर पंचायतों में खातों का संचालन अधिशासी अधिकारी के अतिरिक्त वहां के लेखा विभाग में कार्यरत उप्र केंद्रीयित सेवा के लेखा संवर्ग के वरिष्ठतम अधिकारी को संयुक्त हस्ताक्षर के लिए अधिकृत कर दिया जाएगा। जहां केंद्रीयित सेवा कर्मचारी या अधिकारी तैनात न हो वहां का लेखा का कार्य देख रहे कार्मिक को इकुछ शर्तों के साथ धिकृत कर दिया जाए। जैसे उक्त कार्मिक अधिशासी अधिकारी द्वारा विधिवत नामित किया गया हो। यह भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि संयुक्त हस्ताक्षर की उक्त व्यवस्था के तहत धनराशि का नकद आहरण यथा संभव न किया जाए। चेकों का आहरण संसंगत नियों और आदेशों के अंतर्गत समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति होने के बाद ही नियमानुसार होगा।
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दोनों नगरपालिकाओं के कार्यकाल की उल्टी गिनती शुरू
आजमगढ़। जनपद में दो नगरपालिका और 10 नगर पंचायतें है। इन नगरपंचायतों का कार्यकाल पूरा होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। आजमगढ़ नगरपालिका परिषद का कार्यकाल नौ अगस्त को पूरा होगा। वहीं मुबारकपुर नगरपालिका परिषद का कार्यकाल 30 जुलाई को पूर्ण होगा। इसके बाद इन दोनों नगरपालिकाओं में प्रशासक तैनात हो जाएंगे। इसी तरह से 10 नगरपंचायतों का कार्यकाल भी एक-एक कर पूरा हो रहा है।
एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी ने बताया कि अभी हमारे पास कोई शासनादेश आया है। जब कार्यकाल पूरा होगा तो जैसा शासन का निर्देश होगा उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।