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बिना जांच और गांव में महिला को बता दिया मृतक
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:01 AM IST
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कप्तानगंज। जनसुनवाई पोर्टल समेत संपूर्ण समाधान दिवस दिखावा बन गए हैं। अधिकारी गलत रिपोर्ट लगाकर शिकायतों का निस्तारण कर रहे हैं। थाना क्षेत्र भवनपुर निवासी महिला को अभिलेखों में मृत दिखा दिया गया। महिला ने डीएनए टेस्ट कराने की चुनौती दी है। उनका कहना है कि गांव के कुछ लोग बेईमानी से मेरी संपत्ति हड़पना चाहते हैं।
92 साल की बंशराजी पत्नी स्व. बोधन यादव ने सात अगस्त को संपूर्ण समाधान दिवस पर सगड़ी तहसील में प्रार्थनापत्र दिया था। कहा, फर्जीवाड़ा कर उसे अभिलेखों में 1976 में मृत दिखा दिया गया है। दूसरी ओर 1981 और 88 की परिवार रजिस्टर की नकल में वह जिंदा है। आधार कार्ड भी है। शिकायत की जांच बीडीओ बिलरियागंज को दी गई।
बीडीओ ने इसकी जांच ग्राम विकास अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह से कराई। सत्य प्रकाश सिंह न तो शिकायतकर्ता से मिले और ग्राम प्रधान का बयान लिए बगैर रिपोर्ट दे दी कि बंशराजी की मौत आठ जुलाई, 1976 को हो चुकी है। 24 अगस्त को प्रकरण निस्तारित कर दिया गया।
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उधर, बंशराजी का कहना है कि मैं जिंदा हूं और भतीजे रामकोमल के पास रहती हूं। तीन शादीशुदा पुत्रियां हैं। जांच अधिकारी ने मृत्यु प्रमाण-पत्र और शवदाह प्रमाण-पत्र की बात कही है लेकिन मुझे कोई प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है।
स्वयं गांव जाकर मामले की जांच करूंगा। यदि गलत रिपोर्ट लगाई गई है तो इस बारे में जिलाधिकारी को रिपोर्ट देंगे।
- पंकज कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम सगड़ी
मामला जानकारी में आया है। यदि बंशराजी जिदा है तो मैं जल्दी ही उनसे मिल कर अभिलेखों की जांच करूंगा।
- सत्यप्रकाश सिंह, ग्राम विकास अधिकारी
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92 साल की बंशराजी पत्नी स्व. बोधन यादव ने सात अगस्त को संपूर्ण समाधान दिवस पर सगड़ी तहसील में प्रार्थनापत्र दिया था। कहा, फर्जीवाड़ा कर उसे अभिलेखों में 1976 में मृत दिखा दिया गया है। दूसरी ओर 1981 और 88 की परिवार रजिस्टर की नकल में वह जिंदा है। आधार कार्ड भी है। शिकायत की जांच बीडीओ बिलरियागंज को दी गई।
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बीडीओ ने इसकी जांच ग्राम विकास अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह से कराई। सत्य प्रकाश सिंह न तो शिकायतकर्ता से मिले और ग्राम प्रधान का बयान लिए बगैर रिपोर्ट दे दी कि बंशराजी की मौत आठ जुलाई, 1976 को हो चुकी है। 24 अगस्त को प्रकरण निस्तारित कर दिया गया।
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उधर, बंशराजी का कहना है कि मैं जिंदा हूं और भतीजे रामकोमल के पास रहती हूं। तीन शादीशुदा पुत्रियां हैं। जांच अधिकारी ने मृत्यु प्रमाण-पत्र और शवदाह प्रमाण-पत्र की बात कही है लेकिन मुझे कोई प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है।
स्वयं गांव जाकर मामले की जांच करूंगा। यदि गलत रिपोर्ट लगाई गई है तो इस बारे में जिलाधिकारी को रिपोर्ट देंगे।
- पंकज कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम सगड़ी
मामला जानकारी में आया है। यदि बंशराजी जिदा है तो मैं जल्दी ही उनसे मिल कर अभिलेखों की जांच करूंगा।
- सत्यप्रकाश सिंह, ग्राम विकास अधिकारी